Himachal News: हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बड़े फैसलों की घोषणा की है। स्वास्थ्य शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के मेडिकल कॉलेजों में मरीजों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के कड़े निर्देश जारी किए। सरकार ने डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए प्रोफेसरों और सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति आयु को बढ़ाकर 65 वर्ष करने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था अगले तीन वर्षों के लिए लागू रहेगी ताकि विशेषज्ञ सेवाओं में निरंतरता बनी रहे।
डॉक्टरों की कमी दूर करने को बढ़ाई रिटायरमेंट उम्र
मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्पष्ट किया कि नए मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसरों और टांडा मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भारी कमी है। इस कमी को तत्काल प्रभाव से पाटने के लिए विशेषज्ञों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाना अनिवार्य हो गया था। सरकार ने यह भरोसा भी दिलाया है कि इस फैसले से मौजूदा डॉक्टरों की पदोन्नति की प्रक्रिया पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुभव का लाभ उठाकर हम प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों तक बेहतर इलाज पहुंचाना चाहते हैं।
मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी पीजी की 316 सीटें
प्रदेश के युवाओं और स्वास्थ्य ढांचे के लिए एक बड़ी खबर यह है कि सभी मेडिकल कॉलेजों में पीजी की कुल 316 सीटें बढ़ाई जा रही हैं। आईजीएमसी शिमला में सर्वाधिक 96 और हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में 67 सीटें बढ़ेंगी। इसी तरह टांडा में 57, चंबा में 33, नाहन में 32 और मंडी के नेरचौक मेडिकल कॉलेज में 29 नई सीटें जोड़ी जाएंगी। सीटों में इस भारी बढ़ोतरी से अस्पतालों के कामकाज में तेजी आएगी और गंभीर बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार हो सकेंगे।
नर्सों और तकनीकी स्टाफ की होगी बंपर भर्ती
राज्य सरकार ने स्वास्थ्य संस्थानों में रिक्त पड़े पदों को भरने के लिए समय-सीमा तय कर दी है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस साल नवंबर तक सभी मेडिकल कॉलेजों में नर्सों के खाली पदों को भर दिया जाएगा। इसके साथ ही तकनीकी स्टाफ की कमी को भी दूर किया जाएगा ताकि आधुनिक मशीनों का सही संचालन हो सके। सुक्खू सरकार का लक्ष्य है कि मरीजों को टेस्ट और इलाज के लिए निजी अस्पतालों का रुख न करना पड़े।
स्वास्थ्य ढांचे पर खर्च होंगे 3000 करोड़ रुपये
हिमाचल सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक मशीनों और उपकरणों की खरीद के लिए 3000 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि चंबा मेडिकल कॉलेज के दूसरे चरण का निर्माण कार्य 192 करोड़ रुपये से जल्द शुरू होगा। इसके अलावा नाहन मेडिकल कॉलेज के भवन निर्माण के लिए राज्य सरकार 500 करोड़ रुपये की राशि आवंटित करेगी। इन परियोजनाओं के पूरा होने से सिरमौर और चंबा जैसे जिलों के लोगों को अपने घर के पास ही विशेषज्ञ उपचार मिलेगा।

