Himachal News: हिमाचल की आर्थिक स्थिति पर सियासी बवाल शुरू हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राज्य के हालात की तुलना सीधे पाकिस्तान से कर दी है। इस बयान पर मंत्री जगत सिंह नेगी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। नेगी ने इसे पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर हर विषय के विशेषज्ञ बनने का दिखावा करते हैं। उनकी बातों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं है। नेता प्रतिपक्ष राज्य की छवि खराब कर रहे हैं।
पाकिस्तान से तुलना पर भड़के नेगी
जगत सिंह नेगी ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या जयराम के मुख्यमंत्री रहते राज्य की स्थिति बेहतर थी। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता एक तरफ पाकिस्तान को हमेशा कोसते हैं। वहीं दूसरी तरफ वे हिमाचल की तुलना उसी दुश्मन देश से कर रहे हैं। यह भाजपा नेताओं के स्पष्ट दोहरे मापदंड को दर्शाता है। नेगी ने कहा कि ऐसी बेतुकी तुलना करने का कारण बिल्कुल समझ से परे है। हिमाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है।
एक लाख करोड़ के कर्ज का आरोप
प्रदेश की वर्तमान आर्थिक स्थिति के लिए मंत्री नेगी ने सीधे तौर पर पिछली भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने पुरानी डबल इंजन सरकार की व्यवस्था पर तीखा प्रहार किया है। नेगी ने स्पष्ट आरोप लगाया कि पिछली सरकार राज्य को भारी कर्ज के बोझ तले छोड़कर गई है। वर्तमान सरकार पर करीब एक लाख करोड़ रुपए का बड़ा वित्तीय बोझ डाल दिया गया है। इसमें 75 हजार करोड़ का कर्ज शामिल है। भाजपा ने वित्तीय अनुशासन तोड़ा है।
केंद्र ने क्यों रोका संवैधानिक अधिकार?
जगत सिंह नेगी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने राज्य का राजस्व घाटा अनुदान अचानक बंद कर दिया। इस एकतरफा फैसले से हिमाचल की आर्थिक स्थिति और अधिक खराब हो गई है। यह वित्तीय अनुदान हिमाचल का अपना संवैधानिक अधिकार है। इसे बिना किसी ठोस कारण के पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। नेगी ने पूछा कि इसका जवाब जयराम ठाकुर क्यों नहीं दे रहे हैं।

