Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की तस्वीर अब पूरी तरह बदलने वाली है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कई अहम फैसले लिए हैं। सरकार मरीजों को बेहतरीन इलाज देने के लिए पूरी तरह तैयार है। मेडिकल कॉलेजों में पीजी की भारी संख्या में नई सीटें बढ़ाई जा रही हैं। इसके अलावा डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए उनकी रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया गया है।
मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी पीजी की इतनी सीटें
राज्य के मेडिकल कॉलेजों में अब विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी नहीं रहेगी। सरकार ने विभिन्न संस्थानों में पीजी की नई सीटें बढ़ाने का निर्देश दिया है। टांडा में 57 और मंडी में 29 नई सीटें शामिल होंगी। नाहन में 32 और चंबा में 33 पीजी सीटें बढ़ेंगी। हमीरपुर में 67 और शिमला आईजीएमसी में 96 सीटें बढ़ाई जा रही हैं। इन सीटों के बढ़ने से अस्पतालों के दैनिक कामकाज में तेजी आएगी। मरीजों को विशेषज्ञ इलाज बहुत आसानी से मिलेगा।
प्रोफेसरों और डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र अब 65 वर्ष
मुख्यमंत्री ने नए मेडिकल कॉलेजों में अनुभवी प्रोफेसरों की कमी दूर करने का अहम निर्णय लिया है। टांडा मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी को भी गंभीरता से लिया गया है। सरकार ने अगले तीन वर्षों के लिए ऐसे डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र 65 वर्ष कर दी है। सरकार ने साफ किया है कि इस फैसले से किसी डॉक्टर के प्रमोशन पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा। असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसरों को जल्द ही सरकार नई जिम्मेदारी देने वाली है।
अस्पतालों में 3000 करोड़ से आएंगी आधुनिक मशीनें
सरकार अस्पतालों के सभी विभागों को मजबूत करने पर अपना पूरा ध्यान दे रही है। खास तौर पर बीमारियों की जांच सुविधाओं को ज्यादा बेहतर बनाया जाएगा। नवंबर महीने तक सभी अस्पतालों में नर्सों के खाली पदों को पूरी तरह भर दिया जाएगा। तकनीकी स्टाफ की भी अब कोई कमी नहीं रहेगी। प्रदेश सरकार अस्पतालों में नई मशीनें खरीदने के लिए तीन हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है। स्वास्थ्य संस्थानों में कर्मचारियों की कमी को तुरंत प्रभाव से दूर किया जाएगा।
चंबा और नाहन मेडिकल कॉलेज के लिए करोड़ों का बजट
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया है कि स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए धन की बिल्कुल कमी नहीं होगी। राज्य सरकार चंबा मेडिकल कॉलेज के दूसरे चरण का काम जल्द शुरू करेगी। इस परियोजना पर 192 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा नाहन मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए 500 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इस अहम समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर धनी राम शांडिल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े और कई योजनाओं पर चर्चा की।

