Himachal News: हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनाव का संशोधित रोस्टर आखिरकार जारी कर दिया गया है। हिमाचल हाईकोर्ट की सख्ती के बाद प्रशासन ने यह बड़ा कदम उठाया है। हाईकोर्ट ने मंगलवार शाम पांच बजे तक की समय सीमा तय की थी। अदालत ने राज्य सरकार द्वारा जिलाधीशों को दिए गए पांच फीसदी कोटे को पूरी तरह रद्द कर दिया है। इसके बाद पंचायती राज विभाग ने सभी उपायुक्तों को सख्त निर्देश जारी किए थे।
हाईकोर्ट ने रद्द किया जिलाधीशों का विशेषाधिकार
विकेश जिंटा और अन्य बनाम हिमाचल सरकार मामले में हाईकोर्ट ने कड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने आरक्षण रोस्टर में जिलाधीशों को मिलने वाले पांच फीसदी विशेषाधिकार को तुरंत रोक दिया। इस बड़े फैसले के बाद पंचायती राज विभाग के सचिव ने तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने सभी जिलों के उपायुक्तों को एक तत्काल पत्र भेजा। इस पत्र में साफ आदेश दिया गया कि राज्य सरकार के पुराने नियमों को दरकिनार करते हुए नया रोस्टर तैयार किया जाए।
देर रात तक जारी हुए सभी जिलों के नए रोस्टर
हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद मंगलवार दिन भर जिलाधीश नए रोस्टर पर काम करते रहे। सोमवार को जारी पंचायत, जिला परिषद और बीडीसी के रोस्टर में भी बड़े बदलाव हुए हैं। पंचायती राज विभाग के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है। अधिकांश जिलों का नया आरक्षण रोस्टर रात नौ बजे तक जारी हो गया। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सिर्फ इस संशोधित आरक्षण रोस्टर को ही अंतिम और सही मानें।
राज्य की हजारों पंचायतों में चुनाव की सरगर्मी तेज
हिमाचल प्रदेश में कुल 3757 पंचायतों के लिए चुनाव होने जा रहा है। राज्य की त्रिस्तरीय प्रणाली में पंचायत समिति और जिला परिषद शामिल हैं। इस बार चुनाव में काफी देरी हुई है। इसी वजह से हाईकोर्ट ने सख्त समय सीमा तय की है। नए रोस्टर के आने से गांवों में राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है। सभी नेता अपनी नई रणनीति बनाने में पूरी तरह जुट गए हैं।


