Himachal News: हिमाचल प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। अपनी ही सुक्खू सरकार के खिलाफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का गुस्सा अब खुलकर सामने आ रहा है। कभी मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार रहे दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उनकी इस खुली नाराजगी से राज्य की सियासत में अचानक भारी उबाल आ गया है।
मंडी की बैठक में छलका पूर्व मंत्री का दर्द
मंडी जिले में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की एक अहम बैठक आयोजित हुई थी। इस बैठक में पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने मंच से अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने सरकारी कामकाज के सुस्त रवैये पर गहरी नाराजगी जताई। ठाकुर ने कहा कि उन्होंने एक स्कूल प्रिंसिपल की नियुक्ति बांधी में करने को कहा था। लेकिन अधिकारियों ने उस व्यक्ति को दूरस्थ इलाके काजा भेज दिया।
वीरभद्र सिंह के बहाने सीएम सुक्खू पर साधा निशाना
कौल सिंह ठाकुर ने पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह के काम करने के तरीके की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह जब किसी फाइल पर मंजूरी लिख देते थे, तो तुरंत आदेश जारी हो जाते थे। कोई भी अधिकारी उनके आदेश को टालने की हिम्मत नहीं करता था। इसके विपरीत, वर्तमान मुख्यमंत्री सुक्खू के आदेश महीनों तक फाइलों में ही लटके रहते हैं। इस सुस्त रवैये से भारी रोष है।
अधिकारियों के चक्कर नहीं काट सकते दिग्गज नेता
द्रंग विधानसभा सीट से आठ बार विधायक रहे कौल सिंह ने स्पष्ट किया कि वह अब अधिकारियों के चक्कर नहीं काट सकते। काम सरकारी स्तर पर अपने आप होने चाहिए। इस महत्वपूर्ण बैठक में संगठन को मजबूत करने पर लंबी चर्चा हुई। मंडी सदर से कांग्रेस जिलाध्यक्ष चंपा ठाकुर भी बैठक में मौजूद रहीं। उनके साथ तिलक राज शर्मा, जगदीश रेड्डी और रीता ठाकुर सहित कई बड़े पदाधिकारी इस दौरान उपस्थित थे।


