जयराम ठाकुर को कुर्सी से हटाना चाहती है भाजपा? बल्क ड्रग पार्क से सीएम सुक्खू ने किया सबसे बड़ा सियासी धमाका

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ऊना जिले में एक बड़ा सियासी धमाका किया है। उन्होंने शनिवार को पोलियां बीत में 250 करोड़ रुपये के बल्क ड्रग पार्क की आधारशिला रखी। इस ऐतिहासिक मौके पर मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास का एक नया खाका पेश किया। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर बहुत तीखा जुबानी हमला बोला। सुक्खू ने प्रदेश को एपीआई का बहुत बड़ा हब बनाने का दावा किया है।

बल्क ड्रग पार्क से हिमाचल में आएगी बड़ी औद्योगिक क्रांति

मुख्यमंत्री सुक्खू हेलीकॉप्टर से सीधे दुलैहड़ मैदान पहुंचे थे। उनके साथ राज्य के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बल्क ड्रग पार्क का पूरा साइट प्लान समझाया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में इस पार्क का निर्माण बहुत तेजी से हो रहा है। केंद्र और हिमाचल सरकार मिलकर इस अहम प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं। आने वाले समय में यहां कई बड़ी कंपनियां आएंगी। इससे राज्य के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

जयराम ठाकुर की कुर्सी छीनना चाहती है भाजपा की एक गुट

विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए सुक्खू ने जयराम ठाकुर पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को बिना बात के ज्यादा गुस्सा नहीं करना चाहिए। जयराम ठाकुर इन दिनों भारी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। भाजपा का एक बड़ा धड़ा उन्हें कुर्सी से हटाने की कोशिश कर रहा है। भाजपा को अपनी यह अंदरूनी कलह खुद ही दूर करनी चाहिए। पूर्व सरकार ने प्रदेश के साठ हजार करोड़ रुपये लुटाकर केवल हसीन सपने देखे हैं।

हिम केयर योजना में हुए करोड़ों के बड़े घोटाले की होगी जांच

मुख्यमंत्री ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं और हिम केयर योजना पर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार हिम केयर योजना को बिल्कुल बंद नहीं कर रही है। इस योजना की पुरानी खामियों को पूरी तरह ठीक किया जा रहा है। योजना में हुए बड़े घोटाले की अब गहन जांच चल रही है। सरकार ने अभी तक दो बड़े अस्पतालों का आंतरिक ऑडिट पूरा कर लिया है। राज्य सरकार किसी भी कीमत पर जनता का पैसा लुटने नहीं देगी।

ओपीएस पर पीछे नहीं हटेगी सरकार, भाजपा का दबाव पूरी तरह बेअसर

पुरानी पेंशन योजना को लेकर राज्य सरकार का रुख एकदम साफ है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ओपीएस की समीक्षा का कोई सवाल नहीं उठता है। केंद्र सरकार ने राज्य की दस हजार करोड़ रुपये की ग्रांट काट दी है। इसके बावजूद हिमाचल सरकार इस फैसले से पीछे हटने वाली नहीं है। पहली कैबिनेट में ही ओपीएस को लागू कर दिया गया था। भाजपा चाहे जितना भी दबाव डाल ले, लेकिन ओपीएस योजना कभी भी बंद नहीं होगी।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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