Himachal News: हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सड़क निर्माण में देरी का मुद्दा गरमा गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पत्नी और देहरा की विधायक कमलेश ठाकुर ने अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने ठेकेदारों की मनमानी और काम में भारी देरी पर सख्त ऐतराज जताया है। उनके साथ ज्वालामुखी के विधायक संजय रत्न ने भी एक ‘ब्लैकलिस्ट’ कंपनी को 26 टेंडर देने पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
सीएम की पत्नी ने विधानसभा में उठाया जनता का दर्द
विधायक कमलेश ठाकुर ने प्रश्नकाल के दौरान जनता की परेशानी बयां की। उन्होंने बताया कि देहरा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का काम बहुत धीमा है। मैसर्स गर्ग सन्स फर्म को यह काम मिला है। ठेकेदार एक दिन देहरा में काम करता है और अगले दिन शाहपुर चला जाता है। पिछले एक साल से लोग धूल और मिट्टी फांकने को मजबूर हैं। उन्होंने मंत्री से इस लापरवाह ठेकेदार पर तुरंत और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ब्लैकलिस्ट कंपनी को कैसे मिल गए 26 सड़कों के टेंडर?
ज्वालामुखी के विधायक संजय रत्न ने सदन में एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि जिस फर्म को काम दिया गया है, वह उत्तराखंड में ब्लैकलिस्टेड है। इसके बावजूद उसे हिमाचल में 26 सड़कों का ठेका दे दिया गया। विधायक ने आरोप लगाया कि इस कंपनी के ठेकेदार निचले स्तर के कर्मचारियों को धमकाते हैं। वे सीधे उच्च अधिकारियों से ही बात करते हैं। विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर संजय रत्न का पूरा साथ दिया।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
अपनी ही पार्टी के विधायकों के सवालों पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा कि काम में कोताही बरतने वाले ठेकेदारों पर भारी जुर्माना लगेगा। अगर किसी ने काम शुरू नहीं किया है, तो उसका टेंडर तुरंत रद्द होगा। सरकार अब ठेकेदारी के नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है। भविष्य में एक ठेकेदार को सिर्फ एक या दो काम ही दिए जाएंगे। पुराना काम खत्म होने पर ही नया टेंडर मिलेगा।
विक्रमादित्य सिंह ने दिए जांच कमेटी बनाने के आदेश
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव एक विशेष जांच कमेटी बनाएंगे। इस कमेटी में ईएनसी और कांगड़ा के चीफ इंजीनियर शामिल होंगे। मंत्री ने बताया कि उक्त फर्म पर पहले ही 3.22 करोड़ रुपये का जुर्माना लग चुका है। सरकार ने 31 जुलाई तक तीन हजार किलोमीटर सड़कों का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

