Himachal News: हिमाचल प्रदेश में चुनावी बिगुल बजने के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मंडी और सोलन नगर निगम चुनाव के लिए वार्डों का नया आरक्षण रोस्टर जारी कर दिया गया है। इस नई सूची ने कई पुराने नेताओं के राजनीतिक समीकरण पूरी तरह से बिगाड़ दिए हैं। प्रशासन ने पारदर्शी तरीके से रोटेशन और आबादी के आधार पर वार्डों को आरक्षित किया है। इसके साथ ही अब 31 मई से पहले होने वाले पंचायती राज चुनावों की तैयारियां जोरों पर शुरू हो गई हैं।
सोलन में महिलाओं का दबदबा
सोलन के डिप्टी कमिश्नर मनमोहन शर्मा ने नई आरक्षण सूची जारी की है। सोलन नगर निगम के कुल 17 वार्डों में से 8 वार्ड अब महिलाओं के लिए आरक्षित हो गए हैं। इसके अलावा 3 वार्ड अनुसूचित जाति वर्ग के खाते में गए हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि आरक्षण में पूरी पारदर्शिता बरती गई है। पिछली बार जो वार्ड अनारक्षित थे, उन्हें इस बार रोटेशन के तहत आरक्षित श्रेणी में डाला गया है। महिलाओं के वार्डों का चयन आबादी के नियमों के अनुसार बड़ी सावधानी से किया गया है।
मंडी के इस रोस्टर ने बढ़ाई धड़कनें
मंडी जिले में भी चुनाव को लेकर पारा काफी चढ़ गया है। डीसी अपूर्व देवगन ने मंडी नगर निगम का नया रोस्टर लागू कर दिया है। यहां वार्ड नंबर एक खल्यार, सात तल्याहड़, नौ पैलेस कॉलोनी-2, 11 समखेतर और 12 भगवाहन को अनारक्षित रखा गया है। वहीं, वार्ड नंबर दो पुरानी मंडी, तीन पड्डल, चार नेला, पांच मंगवाईं, आठ पैलेस कॉलोनी-1 और 13 थनेहड़ा महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
इन वार्डों में भी बदला चुनावी गणित
मंडी में अनुसूचित जाति के लिए भी नया रोटेशन लागू हुआ है। वार्ड नंबर छह सनयारड़ और 14 बैहना को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है। इसी तरह वार्ड नंबर 10 सुहड़ा और 15 दौहंदी अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इस नई अधिसूचना के बाद से ही संभावित उम्मीदवारों ने अपनी रणनीतियां बदल दी हैं। सभी राजनीतिक दल अब नए सिरे से अपने मोहरे बिछाने में तेजी से जुट गए हैं।

