Himachal News: हिमाचल में एंट्री टैक्स विवाद पर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा हमारे भाई जैसे हैं। जब हमारी बसें बाहरी राज्यों में जाती हैं, तो उन्हें भी भारी टैक्स देना पड़ता है। हमने इस पर कभी कोई आपत्ति नहीं जताई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि टैक्स की दरें पुरानी ही हैं। विपक्ष इस मुद्दे पर बेवजह झूठ फैला रहा है।
पंजाब के मुख्यमंत्री से करेंगे बात
मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस मुद्दे को सुलझाने का पूरा भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जल्द बातचीत की जाएगी। बीते दिनों दोनों मुख्यमंत्रियों ने फोन पर संपर्क करने की कोशिश की थी। लेकिन व्यस्तता के कारण आपस में बात नहीं हो पाई। सुक्खू ने कहा कि दोनों राज्यों के बीच कोई भी बड़ा विवाद नहीं है। दोनों सरकारें मिल बैठकर इस गलतफहमी को बहुत जल्द दूर कर लेंगी।
एंट्री टैक्स की दरों का समझाया गणित
विपक्ष के लगातार हमलों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने टैक्स का पूरा गणित समझाया। उन्होंने कहा कि छह टायर वाले ट्रक का टैक्स 570 रुपये तय है। दो और तीन एक्सेल वाले बड़े वाहनों की दरें भी समान रखी गई हैं। केवल पांच सीटर गाड़ी के टैक्स में मामूली सा बदलाव किया गया है। पहले पांच सीटर गाड़ी का टैक्स 70 रुपये था। बड़ी गाड़ियों का टैक्स 130 रुपये लगता था। अब दोनों को समान करके 100 रुपये कर दिया गया है।
फास्टैग की तकनीकी खामी से कट रहे पैसे
पुरानी दरों पर भारी वसूली की खबरों पर भी सीएम ने अहम सफाई दी है। उन्होंने माना कि मौजूदा फास्टैग सिस्टम में कुछ तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। इसी तकनीकी खामी के कारण सिस्टम पिछले रेट के हिसाब से पैसे काट रहा है। सरकार जल्द ही इस तकनीकी समस्या को पूरी तरह ठीक कर लेगी। अगर किसी वाहन चालक के साथ गलतफहमी हुई है, तो उसका भी उचित समाधान निकाला जाएगा।
मुख्य सचिव को उनके अच्छे काम का मिला इनाम
मुख्यमंत्री ने नौकरशाही के आपसी विवाद पर भी बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना के सेवाविस्तार पर उठ रहे सभी सवालों को खारिज किया। अधिकारी को सेवाविस्तार देना पूरी तरह से चुनी हुई सरकार का अधिकार है। प्रबोध सक्सेना को उनके बेहतरीन काम के लिए यह विस्तार दिया गया है। अधिकारियों की आपसी बयानबाजी पर सरकार पूरी नजर बनाए हुए है। विपक्ष के आरोपों पर सीएम ने कहा कि अधिकारियों को पूरा सरकारी संरक्षण प्राप्त है।

