Himachal News: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में बुधवार को सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बीच शब्दों के बाण चले। भाजपा विधायकों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ सदन के भीतर और बाहर जमकर नारेबाजी की। विपक्ष के हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। पूरा परिसर सरकार विरोधी नारों से गूंज उठा।
पंचायत चुनाव रोस्टर पर आमने-सामने सरकार और विपक्ष
सदन में हंगामे की मुख्य वजह पंचायत चुनाव के आरक्षण रोस्टर में हुआ बदलाव रहा। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने रोस्टर नियमों में फेरबदल कर लोकतंत्र का गला घोंटा है। भाजपा विधायकों ने नियम-67 के तहत चर्चा की मांग की। मुख्यमंत्री सुक्खू ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि सरकार पारदर्शिता के साथ काम कर रही है। जब सदन में बहस तेज हुई तो भाजपा विधायक वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। इससे सदन का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।
मुख्यमंत्री सुक्खू का विपक्ष पर तीखा पलटवार
हंगामे के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विपक्ष को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल सुर्खियों में रहने के लिए नाटक कर रही है। सरकार जनता के हित में कड़े फैसले ले रही है, जिससे विपक्ष बौखला गया है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि रोस्टर में कोई भी अवैध फेरबदल नहीं किया गया है। उन्होंने जयराम ठाकुर को याद दिलाया कि जनता ने उन्हें विपक्ष में बैठने का जनादेश दिया है। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सदन में शोर और बढ़ गया।
सदन के बाहर भी दिखा भाजपा का कड़ा तेवर
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही भाजपा विधायकों ने अपना रुख साफ कर दिया था। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अगुवाई में सभी विधायक काले रिबन बांधकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने परिसर के बाहर तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। विपक्ष ने सरकार पर भ्रष्टाचार और जनविरोधी नीतियों के आरोप लगाए। जयराम ठाकुर ने मीडिया से कहा कि सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए विपक्ष की आवाज दबा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता इस तानाशाही का जवाब जरूर देगी।
विधानसभा अध्यक्ष ने की शांति की अपील
शोर-शराबा बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सदस्यों से शांत होने की अपील की। उन्होंने कहा कि सदन नियमों और मर्यादाओं से चलता है। बार-बार चेतावनी के बावजूद जब भाजपा विधायकों ने नारेबाजी बंद नहीं की, तो अध्यक्ष को सख्त रुख अपनाना पड़ा। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल महत्वपूर्ण है और इसे हंगामे की भेंट नहीं चढ़ाया जा सकता। फिलहाल सदन में गतिरोध जारी है और सरकार बजट से जुड़े महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को पूरा करने की कोशिश में जुटी है।


