Himachal News: हिमाचल प्रदेश के आम लोगों और मरीजों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। राज्य के इतिहास में पहली बार किसी सरकारी अस्पताल में पैट (PET) स्कैन की अति-आधुनिक सुविधा शुरू हो गई है। शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में न्यूक्लियर मेडिसिन ब्लॉक का विधिवत उद्घाटन कर दिया गया है। इस मशीन के शुरू होने से अब मरीजों को महंगी जांच के लिए चंडीगढ़ या बाहरी राज्यों के निजी अस्पतालों में धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। राज्य सरकार का यह कदम कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों के सस्ते और सुलभ इलाज में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
3000 करोड़ के भारी निवेश से मजबूत होगी स्वास्थ्य व्यवस्था
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वीरवार को इस नए ब्लॉक का उद्घाटन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार आम जनता को बेहतर इलाज देने के लिए लगातार काम कर रही है। हाल ही में आईजीएमसी में आधुनिक 3 टेस्ला एमआरआई मशीन भी स्थापित की गई है। आने वाले समय में प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों को और बेहतर बनाया जाएगा। सरकार तकनीकी सुविधाओं के विस्तार के लिए 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का बड़ा निवेश करने जा रही है।
बीमारी को छुपने नहीं देगी पैट स्कैन की आधुनिक तकनीक
पैट स्कैन चिकित्सा विज्ञान की एक बेहद सटीक और उन्नत जांच तकनीक है। यह तकनीक शरीर में पनप रही बीमारियों का शुरुआती और मॉलिक्यूलर स्तर पर ही पता लगा लेती है। सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी पारंपरिक जांचें बीमारी को थोड़ा देर से पकड़ती हैं। लेकिन पैट स्कैन बीमारी से जुड़े शुरुआती बदलावों को तुरंत भांप लेती है। यह मशीन विशेष रूप से कैंसर की स्टेज का पता लगाने और इलाज के असर को बारीकी से देखने में बहुत अहम भूमिका निभाती है।
गंभीर बीमारियों के सटीक इलाज में मिलेगी जबरदस्त मदद
इस नई तकनीक का इस्तेमाल कई तरह की गंभीर बीमारियों के इलाज में किया जाता है। मस्तिष्क ट्यूमर, सिर और गर्दन के कैंसर तथा थायरॉयड कैंसर में यह जांच बहुत कारगर है। फेफड़ों, स्तन और कोलोरेक्टल कैंसर के मरीजों के लिए भी यह जांच संजीवनी का काम करती है। कैंसर के अलावा अब हृदय रोग और न्यूरोलॉजी से जुड़े जटिल मामलों में भी इस तकनीक का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। शरीर में किसी भी तरह के गंभीर संक्रमण को पकड़ने में भी यह मशीन माहिर है।
स्पैक्ट-सीटी स्कैन मशीन के लिए 8 करोड़ रुपये की अहम घोषणा
उद्घाटन के इस महत्वपूर्ण मौके पर मुख्यमंत्री ने एक और बड़ी घोषणा की। उन्होंने आईजीएमसी शिमला में नई स्पैक्ट-सीटी स्कैन मशीन स्थापित करने के लिए 8 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है। इस नई मशीन के लग जाने से न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग की जांच सुविधाएं और भी ज्यादा मजबूत हो जाएंगी। सरकार का मुख्य लक्ष्य यही है कि प्रदेश के हर आम आदमी को उसके घर के करीब ही उन्नत और बेहतरीन चिकित्सा सेवाएं मिल सकें।

