New York News: वैश्विक बाजारों में सोमवार को एक ऐसी घटना घटी जिसने दुनिया भर के वित्तीय विशेषज्ञों को सोच में डाल दिया है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक सोशल मीडिया घोषणा से महज कुछ मिनट पहले बाजार में करोड़ों के सौदे हुए। इन संदिग्ध सौदों के जरिए कुछ ही मिनटों में करीब 840 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया गया है, जिसने बाजार की शुचिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
न्यूयॉर्क के समयानुसार सुबह 6:50 बजे जब बाजार आमतौर पर सुस्त रहते हैं, अचानक S&P 500 फ्यूचर्स में भारी खरीदारी शुरू हो गई। ठीक इसी वक्त तेल बाजार में भी असामान्य हलचल देखी गई। यह वह समय था जब किसी भी निवेशक को आने वाली बड़ी खबर का अंदाजा तक नहीं था। लेकिन किसी अज्ञात ट्रेडर ने ठीक इसी वक्त बाजार में अरबों का दांव खेल दिया था।
हैरानी तब बढ़ी जब सुबह 7:05 बजे डोनाल्ड ट्रंप ने पोस्ट कर अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति की बात कही। ट्रंप ने बताया कि हमलों को फिलहाल रोक दिया गया है। इस घोषणा के होते ही शेयर बाजार रॉकेट बन गया और तेल की कीमतें धड़ाम से नीचे गिर गईं। ब्रेंट क्रूड देखते ही देखते 109 डॉलर से फिसलकर 92 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
दो रहस्यमयी दांव और करोड़ों की कमाई
बाजार के आंकड़ों के अनुसार एक अज्ञात ट्रेडर ने बड़ी चालाकी से दो तरफा दांव लगाया था। उसने एक तरफ S&P 500 फ्यूचर्स खरीदे और दूसरी तरफ तेल फ्यूचर्स को बड़े पैमाने पर बेच दिया। ट्रंप की घोषणा के बाद बाजार में आए उतार-चढ़ाव ने उसे महज 20 मिनट के भीतर 840 करोड़ रुपये का मालिक बना दिया।
इस पूरे घटनाक्रम ने विशेषज्ञों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। सवाल यह उठ रहा है कि जब कोई आधिकारिक सूचना सार्वजनिक नहीं थी, तो इतनी सटीक टाइमिंग के साथ निवेश कैसे हुआ? क्या किसी को ट्रंप की घोषणा के बारे में पहले से पता था? यह ‘इनसाइडर ट्रेडिंग’ का एक क्लासिक मामला नजर आ रहा है, जिसकी गूंज अब नियामक संस्थाओं तक पहुंच रही है।
बाजार के जानकारों का कहना है कि इतने बड़े सौदे बिना किसी ठोस सूचना के नहीं किए जाते। आमतौर पर सरकारी नीतियों या अंतरराष्ट्रीय समझौतों से पहले ही ऐसी संदिग्ध गतिविधियां देखी जाती हैं। फिलहाल अमेरिकी नियामक संस्थाओं ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन पारदर्शिता को लेकर बहस फिर से छिड़ गई है।
ईरान का इनकार और फिर बदला माहौल
इस पूरे ड्रामे में नया मोड़ तब आया जब ईरान के शीर्ष नेतृत्व ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत की खबरों को खारिज कर दिया। ईरान के कड़े रुख के बाद बाजार में एक बार फिर अस्थिरता लौट आई है। निवेशकों को डर है कि कहीं यह शांति केवल अल्पकालिक भ्रम तो नहीं थी, जिससे मुनाफावसूली का खेल खेला गया।
पहले भी कई बार देखा गया है कि बड़े नेताओं के बयानों से ठीक पहले बाजार में असामान्य ट्रेडिंग होती है। यह पैटर्न बताता है कि कुछ प्रभावशाली लोग जानकारी का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। आम निवेशकों के लिए यह स्थिति बेहद जोखिम भरी है, क्योंकि वे ऐसी गुप्त सूचनाओं से कोसों दूर रहते हैं।
फिलहाल यह मामला सुलझने के बजाय और उलझता जा रहा है। क्या यह महज एक इत्तेफाक था या फिर किसी सुनियोजित रणनीति का हिस्सा, इसकी जांच होनी अभी बाकी है। लेकिन इतना तय है कि सोमवार को हुई इस हलचल ने दुनिया भर के ट्रेडर्स को चौंका दिया है।


