Himachal News: हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल के दामों पर सियासत काफी तेज हो गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रदेश सरकार से पेट्रोल-डीजल पर वैट तुरंत घटाने की सख्त मांग की है। साथ ही उन्होंने टोल टैक्स में हुई भारी बढ़ोतरी पर भी पुनर्विचार करने को कहा है। कंवर का आरोप है कि केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी घटाकर जनता को राहत दे रही है। लेकिन राज्य सरकार अतिरिक्त सेस लगाकर आम आदमी की जेब काटने की तैयारी कर रही है।
केंद्र की राहत, राज्य का नया सेस
वीरेंद्र कंवर ने मोदी सरकार के फैसले की जमकर तारीफ की। केंद्र सरकार ने हाल ही में पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाई है। इस फैसले से देशभर के आम लोगों, किसानों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है। वीरेंद्र कंवर ने इस कदम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। इसके उलट उन्होंने हिमाचल सरकार की नीतियों पर कड़ा सवाल उठाया। कंवर ने कहा कि सुक्खू सरकार जनता पर नया आर्थिक बोझ डालने जा रही है। राज्य सरकार अतिरिक्त सेस लगाने का जनविरोधी प्रस्ताव ला रही है।
महंगाई और टोल टैक्स की दोहरी मार
भाजपा नेता ने महंगाई के सीधे गणित को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि ईंधन महंगा होने से माल ढुलाई का खर्च बढ़ जाता है। इसका सीधा असर रोजमर्रा की जरूरी चीजों के दामों पर पड़ता है। इससे आम आदमी की रसोई का बजट पूरी तरह बिगड़ जाता है। मौजूदा समय में सरकार को जनता के खर्च कम करने वाले कदम उठाने चाहिए। लेकिन सरकार ने टोल दरों में भी मनमानी बढ़ोतरी कर दी है। इस फैसले से आम लोगों और व्यापारियों पर महंगाई की दोहरी मार पड़ेगी।
सुक्खू सरकार वैट घटाकर दे सीधी राहत
वीरेंद्र कंवर ने राज्य सरकार को जनहित में एक स्पष्ट सलाह दी है। उन्होंने कहा कि सरकार को केंद्र के फैसलों से प्रेरणा लेनी चाहिए। राज्य सरकार को पेट्रोल और डीजल पर नया सेस लगाने का विचार तुरंत छोड़ना चाहिए। इसके बजाय सरकार को राज्य स्तर पर लगने वाला वैट कम करना चाहिए। इससे प्रदेश की जनता को महंगाई से सीधी और वास्तविक राहत मिलेगी। इसके अलावा बढ़ा हुआ टोल टैक्स भी सरकार को तुरंत वापस लेना चाहिए।


