Maharashtra News: रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया अब हमारे बीच नहीं रहे। उन्होंने ‘द कम्प्लीट मैन’ की टैगलाइन को घर-घर तक पहुंचाया था। 87 वर्ष की उम्र में मुंबई में उनका निधन हो गया है। उन्होंने शनिवार शाम शांति से अपनी अंतिम सांस ली। उनके बेटे और रेमंड के मौजूदा चेयरमैन गौतम सिंघानिया ने सोशल मीडिया पर यह दुखद खबर साझा की। विजयपत सिंघानिया सिर्फ एक सफल उद्योगपति ही नहीं थे। वह आसमान में उड़ान भरने वाले एक जांबाज पायलट भी थे। उनके निधन से भारत के कॉर्पोरेट जगत में एक बड़े युग का अंत हो गया है।
रेमंड को बनाया दुनिया का जाना-माना ब्रांड
विजयपत सिंघानिया ने साल 1980 में रेमंड ग्रुप की कमान संभाली थी। उन्होंने अपनी मेहनत से रेमंड को पूरी दुनिया में एक बड़ा ब्रांड बना दिया। उनके नेतृत्व में कंपनी ने तेजी से अपना कारोबार बढ़ाया। कंपनी ने कपड़ों के अलावा स्टील और सीमेंट सेक्टर में भी भारी सफलता हासिल की। साल 2000 के बाद उन्होंने कंपनी की जिम्मेदारी अपने बेटे गौतम को सौंप दी थी। उन्होंने अपनी पूरी 37 फीसदी हिस्सेदारी भी बेटे के नाम कर दी थी।
आसमान छूने का था जुनून, बनाए कई वर्ल्ड रिकॉर्ड
वह सिर्फ कमरे में बैठकर फैसले लेने वाले कारोबारी नहीं थे। विजयपत सिंघानिया को आसमान की ऊंचाइयों से बहुत ज्यादा प्यार था। उन्होंने एविएशन के क्षेत्र में कई बड़े और शानदार रिकॉर्ड बनाए। साल 2005 में उन्होंने एक अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया था। तब 67 साल की उम्र में उन्होंने हॉट एयर बैलून में 69,000 फीट की ऊंचाई नापी थी। इससे पहले 1988 में वह छोटे माइक्रोलाइट विमान से लंदन से दिल्ली आए थे। उन्होंने यह पूरी खतरनाक उड़ान बिल्कुल अकेले तय की थी। इन अद्भुत उपलब्धियों के लिए उन्हें 2006 में ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित किया गया था।
आखिरी वक्त में पारिवारिक विवादों ने दिया गहरा दर्द
विजयपत सिंघानिया का शुरुआती जीवन बहुत ही ज्यादा शानदार था। लेकिन उनके आखिरी कुछ साल विवादों और दर्द से भरे रहे। पूरी संपत्ति बेटे गौतम को सौंपने के बाद दोनों के रिश्ते काफी बिगड़ गए थे। यह पारिवारिक विवाद इतना ज्यादा बढ़ा कि बात कोर्ट तक पहुंच गई। जीवन के अंतिम पड़ाव में उन्हें कई भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हालांकि, बाद में पिता और पुत्र के बीच समझौता होने की खबरें भी आई थीं। रविवार को मुंबई के चंदनवाड़ी श्मशान घाट में उनका पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

