Himachal News: शिमला नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स न चुकाने वालों के खिलाफ सख्त मोर्चा खोल दिया है। निगम ने डिफाल्टरों के बिजली और पानी के कनेक्शन काटने शुरू कर दिए हैं। अंतिम नोटिस मिलने के 15 दिन बाद भी टैक्स जमा नहीं करने वालों पर यह गाज गिरी है। अब तक लगभग 10 डिफाल्टरों के कनेक्शन काटे जा चुके हैं। इस कड़ी कार्रवाई से पूरे शहर में हड़कंप मच गया है। हैरानी की बात यह है कि टैक्स न देने वालों की इस सूची में कई बड़े कांग्रेसी और भाजपा नेता भी शामिल हैं।
बिना टैक्स चुकाए नहीं मिलेगी कोई राहत
नगर निगम प्रशासन ने अपना रुख बिल्कुल साफ कर दिया है। अब किसी भी डिफाल्टर को बख्शा नहीं जाएगा। काटे गए कनेक्शन को दोबारा जोड़ने के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं। अब डिफाल्टरों को एकमुश्त टैक्स और पेनल्टी भरनी होगी। इसके बाद ही नगर निगम उन्हें नया कनेक्शन लेने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करेगा। नगर निगम शिमला के आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने स्पष्ट किया है कि तय समय पर टैक्स न देने वालों पर यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। बिना पूरा टैक्स चुकाए कोई एनओसी नहीं मिलेगी।
लाखों के बिल पर मिलेगी किस्तों की सुविधा
भारी भरकम टैक्स वाले लोगों को निगम ने थोड़ी मोहलत दी है। जिन डिफाल्टरों का बिल लाखों रुपये में है, वे किस्तों में अपना भुगतान कर सकते हैं। इसके लिए नगर निगम ने कुछ खास शर्तें तय की हैं:
- किस्तों की सुविधा लेने के लिए तीन एडवांस चेक जमा करने होंगे।
- तय समय पर किस्त न देने पर निगम सीधे चेक बैंक में लगाकर टैक्स वसूलेगा।
- सौ प्रतिशत रिकवरी सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई भी होगी।
निगम का कहना है कि डिफाल्टरों से शत-प्रतिशत टैक्स की वसूली की जाएगी। इसके बाद भी कोई आगे नहीं आता है तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।


