Uttar Pradesh News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को जेवर एयरपोर्ट का लोकार्पण किया। इसके साथ ही यह परियोजना नई उड़ान पर है। यह एयरपोर्ट एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनेगा। पहले चरण का निर्माण पूरा हो चुका है। अब यात्री सेवाएं शुरू हो गई हैं।
2001 में रखी गई थी नींव, 2014 के बाद मिली नई दिशा
जेवर एयरपोर्ट कीयोजना सालों पुरानी है। 2001 में राजनाथ सिंह ने इसकी नींव रखी थी। इसके बाद यह परियोजना कई उतार-चढ़ाव से गुजरी। वर्ष 2014 के बाद इसे नई गति मिली। 2021 में आधारशिला रखी गई थी। अब पहले चरण का निर्माण पूरा हो गया है।
5100 हेक्टेयर में फैलेगा एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट
यह सिर्फ एक एयरपोर्ट नहींहै। इसे सुपर एविएशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। पहला चरण 1334 हेक्टेयर में तैयार हुआ है। पूरा प्रोजेक्ट 5100 हेक्टेयर में फैलेगा। पूरी तरह बनने पर यह एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। यह दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से ढाई गुना बड़ा होगा।
29,561 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा विश्व स्तरीय हब
इस एयरपोर्ट में3900 मीटर लंबा रनवे बनाया गया है। भविष्य में छह रनवे की योजना है। यह परियोजना चार चरणों में विकसित होगी। करीब 29,561 करोड़ रुपये की लागत से यह प्रोजेक्ट तैयार हो रहा है। यह भारत के एविएशन सेक्टर में क्रांति लाएगा।
ग्रीन एनर्जी और तकनीक से लैस है जेवर एयरपोर्ट
यह एयरपोर्ट पर्यावरण केप्रति जिम्मेदार है। इसकी 55 प्रतिशत ऊर्जा ग्रीन एनर्जी से पूरी होगी। सोलर और पवन ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाएगा। यहां इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग होगा। इससे कार्बन उत्सर्जन न्यूनतम रहेगा। शुरुआत में देश के कई बड़े शहरों के लिए उड़ानें शुरू होंगी। रोजाना करीब 150 फ्लाइट्स संचालित होने की उम्मीद है।
कोहरे में भी सुरक्षित लैंडिंग की सुविधा
जेवर एयरपोर्ट अल्ट्रामॉडर्न तकनीकों से लैस है। इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम लगाया गया है। घने कोहरे में भी 50 मीटर विजिबिलिटी पर विमान सुरक्षित उतर सकेंगे। यह सुविधा इसे देश के सबसे मॉडर्न एयरपोर्ट्स में शामिल करती है। यहां मल्टी-मॉडल कार्गो हब भी बनाया गया है। मेंटेनेंस और रिपेयर सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी।
बोइंग 777 जैसे बड़े विमानों के लिए भी तैयार
यह एयरपोर्ट बोइंग 777 जैसेबड़े विमानों की लैंडिंग के लिए सक्षम है। उच्च सुरक्षा व्यवस्था के तहत CISF की तैनाती की गई है। यह सुविधाएं इसे पूरी तरह सुरक्षित बनाती हैं। जेवर एयरपोर्ट अब देश के एविएशन मैप पर नई पहचान बना चुका है।


