जी7 की बैठक में जयशंकर का बड़ा कूटनीतिक दांव: पेरिस में कनाडा, जापान और कोरिया के साथ हुई खास चर्चा, क्या है भारत का अगला कदम?

International News: विदेश मंत्री एस जयशंकर जी7 विदेश मंत्रियों की अहम बैठक में हिस्सा लेने फ्रांस पहुंच गए हैं। पेरिस में उन्होंने दक्षिण कोरिया, कनाडा और जापान के विदेश मंत्रियों के साथ कूटनीतिक मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक में पश्चिम एशिया के तनाव और द्विपक्षीय संबंधों पर गंभीर चर्चा हुई। फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने जयशंकर का शानदार स्वागत किया। यह दौरा बेहद अहम समय पर हो रहा है। पूरी दुनिया की नजरें इस वक्त यूक्रेन युद्ध और मध्य-पूर्व के सुलगते हालात पर टिकी हैं।

कनाडा और जापान के साथ कूटनीतिक बिसात

जयशंकर ने अपनी कनाडाई समकक्ष अनीता आनंद से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और कनाडा के रिश्तों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इसके साथ ही पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर भी गहन मंथन हुआ। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर इस बातचीत को बेहद सकारात्मक बताया। उन्होंने अपने जापानी समकक्ष तोशिमित्सु मोटेगी से भी खास मुलाकात की। जयशंकर ने उन्हें अपना पुराना दोस्त बताया। इसके अलावा दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून के साथ भी साझेदारी मजबूत करने पर सहमति बनी।

फ्रांस में हुआ भव्य स्वागत, वैश्विक मुद्दों पर फोकस

विदेश मंत्री जयशंकर का यह दो दिवसीय दौरा फ्रांस के विदेश मंत्री के निमंत्रण पर हो रहा है। फ्रांस के अब्बे देस वॉक्स-डे-सेर्ने पहुंचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। जी7 की इस बैठक का मुख्य एजेंडा पूरी दुनिया में शांति स्थापित करना है। फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि बैठक में ईरान और मध्य-पूर्व के तनाव को कम करने पर जोर दिया जाएगा। समुद्री व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा और ईरान के परमाणु कार्यक्रमों पर पाबंदी को लेकर भी गंभीर चर्चा हो रही है।

रूस पर दबाव और यूक्रेन को बड़ी मदद की तैयारी

जी7 के सदस्य देश यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस पर दबाव बढ़ाने की तैयारी में हैं। विशेष रूप से रूस के शैडो फ्लीट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। सभी सहयोगी देश यूक्रेन की ऊर्जा क्षमता बढ़ाने में उसकी पूरी मदद करेंगे। साल 2025 में रूसी हमले में क्षतिग्रस्त हुए चेर्नोबिल ढांचे की मरम्मत के लिए भी फंड जुटाया जाएगा। बैठक में इंडो-पैसिफिक, गाजा, सूडान और हैती जैसे अहम क्षेत्रीय मुद्दों पर भी रणनीति तैयार की जा रही है। सीरिया में सिंथेटिक ड्रग कैप्टागन की तस्करी रोकने के लिए भी कड़े कदम उठाए जाएंगे।

SOURCE: न्यूज़ एजेंसियां
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