India News: मध्य पूर्व के बेहद संवेदनशील समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी के सांसद मनोज तिवारी ने दावा किया है कि भारत को इस अहम जलमार्ग से सुरक्षित आवाजाही की अनुमति मिली है। उन्होंने कहा कि यह देश की बड़ी कूटनीतिक जीत है। संकट के इस समय में भी भारत की मजबूत स्थिति बरकरार है।
पांच देशों के जहाजों को ही मिली अनुमति
मनोज तिवारीने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘फिलहाल सिर्फ पांच देशों के जहाजों को ही इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी गई है, जिनमें भारत भी शामिल है।’ उन्होंने कहा कि यह स्थिति भारत की मजबूत विदेश नीति और वैश्विक स्तर पर बढ़ती साख को दर्शाती है। ईरान ने भारत को ‘फ्रेंडली नेशन’ की सूची में शामिल किया जाना एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य का कूटनीतिक महत्व
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनियाके सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस का परिवहन होता है। यहां किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और ईंधन कीमतों पर पड़ता है। भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देश के लिए इस मार्ग का खुला रहना बेहद जरूरी है। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच ईरान ने यहां से गुजरने वाले जहाजों पर कई तरह के प्रतिबंध और टोल टैक्स भी लगाए हैं। इस वजह से क्रूड ऑयल की कीमतों में वैश्विक स्तर पर उछाल आया है।
मनोज तिवारी ने बताया पीएम मोदी की सफलता
मनोज तिवारीने यह भी कहा कि सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि अंतरराष्ट्रीय हालात का असर देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर न पड़े। इसके लिए ऊर्जा आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने और वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर भी काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पीएम मोदी के प्रयासों और दूरदृष्टि की वजह से मुमकिन हो सका है। इससे होर्मुज मार्ग पर भारत की सुरक्षित पहुंच से न केवल तेल आपूर्ति सुनिश्चित होगी, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी स्थिरता मिलेगी। यह कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक हितों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल भारत सरकार इस मार्ग से आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है।


