USA News: एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के एक स्टारलिंक सैटेलाइट ने अंतरिक्ष में हलचल पैदा कर दी है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि पृथ्वी से 560 किलोमीटर की ऊंचाई पर तैर रहे सैटेलाइट नंबर 34343 से संपर्क टूट गया है। इस तकनीकी खराबी (On-Orbit Anomaly) के बाद अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और स्पेसएक्स अलर्ट पर हैं। यह घटना ऐसे नाजुक मोड़ पर हुई है जब नासा कल यानी 1 अप्रैल को चंद्रमा के लिए अपना ऐतिहासिक मानवयुक्त ‘आर्टेमिस II’ मिशन लॉन्च करने जा रहा है। हालांकि, स्पेसएक्स ने दावा किया है कि इस खराबी से किसी भी मिशन या अंतरिक्ष यात्री को कोई खतरा नहीं है।
खतरे के घेरे में मून मिशन? नासा और स्पेसएक्स की सफाई
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन और कल लॉन्च होने वाले आर्टेमिस II मिशन की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठ रहे थे। स्पेसएक्स ने सोमवार को स्पष्ट किया कि भटकता हुआ सैटेलाइट अंतरिक्ष यात्रियों के लिए जोखिम पैदा नहीं करेगा। आर्टेमिस II मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्री—रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन—चांद की परिक्रमा के लिए रवाना होने वाले हैं। 10 दिनों का यह सफर दशकों बाद इंसान की चंद्रमा की ओर वापसी का गवाह बनेगा। राहत की बात यह है कि इस सैटेलाइट फेलियर का असर फाल्कन-9 जैसे हालिया लॉन्च पर भी नहीं पड़ा है।
मलबे पर पैनी नजर और तकनीकी जांच जारी
भटके हुए सैटेलाइट से पैदा होने वाले संभावित मलबे को ट्रैक करने के लिए नासा और यूएस स्पेस फोर्स ने हाथ मिला लिया है। स्पेसएक्स इस समय गहराई से जांच कर रहा है कि आखिर इस अत्याधुनिक सैटेलाइट में अचानक खराबी क्यों आई। कंपनी का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों की टीम लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है ताकि अंतरिक्ष के कचरे से दूसरे सक्रिय पेलोड को बचाया जा सके।
आईपीओ से पहले स्पेसएक्स के लिए बड़ी चुनौती
यह तकनीकी गड़बड़ी ऐसे समय में आई है जब स्पेसएक्स अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ की तैयारी में है। बाजार में कंपनी की अनुमानित वैल्यू करीब 1.75 ट्रिलियन डॉलर तक आंकी जा रही है। इतने बड़े वित्तीय दांव के बीच सैटेलाइट का नियंत्रण खोना कंपनी के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई भी है। हालांकि कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि उनके पास स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त बैकअप प्लान मौजूद हैं। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें कल होने वाले मून मिशन के लॉन्च पर टिकी हैं।

