National News: आमतौर पर मार्च और अप्रैल में भयंकर गर्मी और ‘लू’ (Heatwave) का कहर शुरू हो जाता है। लेकिन इस साल मौसम का मिजाज बिल्कुल जुदा है। देश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हो रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इसके पीछे कई बड़े कारण बताए हैं। आइए समझते हैं कि आखिर क्यों हो रही है यह बेमौसम बारिश।
पश्चिमी विक्षोभ बन रहा है मुख्य कारण
इस बारिश की सबसे बड़ी वजह पश्चिमी विक्षोभ का लगातार आना है। यह कम दबाव का तूफान भूमध्य सागर से उठता है। यह अमूमन सर्दियों में भारत में बारिश लाता है। इस साल यह मार्च-अप्रैल में भी काफी सक्रिय है। इसकी वजह से पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में बारिश हो रही है।
हवाओं का आपस में टकराना
पश्चिमी विक्षोभ जब उत्तर-पश्चिम भारत में आता है, तो एक चक्रवात बनता है। इसी समय दक्षिण की तरफ से आने वाली हवाएं नमी लेकर आती हैं। जब ये ठंडी और गर्म हवाएं टकराती हैं, तो मौसम अचानक बिगड़ जाता है। इसी टकराव से तेज आंधी, बारिश और ओले गिरते हैं।
बदलता वैश्विक मौसम और ‘ला नीना’
मौसम विभाग के मुताबिक वैश्विक स्तर पर भी बदलाव हो रहे हैं। ‘ला नीना’ का असर अब कमजोर हो रहा है। मौसम अब न्यूट्रल स्थिति की तरफ बढ़ रहा है। ऐसे संक्रमण काल में मौसम अक्सर ज्यादा अनिश्चित और आक्रामक हो जाता है।
जलवायु परिवर्तन का दिख रहा खतरनाक असर
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल वार्मिंग भी इस बदलाव की बड़ी वजह है। तापमान बढ़ने से हवा में नमी सोखने की क्षमता बढ़ गई है। इससे पश्चिमी विक्षोभ ज्यादा ताकतवर हो रहे हैं। इसी कारण हमें अप्रैल में भी कड़ाके की ठंड और तेज बारिश का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों के लिए बढ़ी बड़ी मुसीबत
मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए चेतावनी जारी की है। पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-NCR में आंधी की आशंका है। मध्य प्रदेश और विदर्भ में ‘येलो अलर्ट’ है। यह समय रबी की फसलों (गेहूं, सरसों) की कटाई का है। बारिश से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। मौसम विभाग ने किसानों को अलर्ट रहने की सख्त सलाह दी है।

