Kerala News: केरल की शांत वादियों में अचानक बड़ा सियासी तूफान आ गया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के एक तीखे बयान ने राज्य की राजनीति को पूरी तरह गरमा दिया है। 9 अप्रैल को होने वाले मतदान से ठीक पहले ‘इंडिया’ गठबंधन के दो प्रमुख दल आमने-सामने आ गए हैं। कांग्रेस और सत्ताधारी वामपंथी दल (LDF) अब एक-दूसरे पर खुलेआम प्रहार कर रहे हैं। राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर भ्रष्टाचार को लेकर सीधा निशाना साधा है। इसके तुरंत बाद सीपीआई ने भी राहुल गांधी पर जोरदार पलटवार कर दिया है।
विजयन पर राहुल का सीधा हमला, बताया मोदी के दबाव में
राहुल गांधी इन दिनों केरल में कांग्रेस के लिए धुंआधार चुनाव प्रचार कर रहे हैं। पत्तनमथिट्टा और कोझिकोड की चुनावी रैलियों में उन्होंने एक बड़ा बयान दिया। राहुल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को पूरी तरह नियंत्रित कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जैसे डोनाल्ड ट्रंप मोदी को चलाते हैं, वैसे ही विजयन मोदी के इशारों पर काम कर रहे हैं। राहुल के मुताबिक, विजयन अपने ही भ्रष्टाचार की वजह से भारी दबाव में जी रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि एलडीएफ सरकार अब वामपंथी नहीं रही, बल्कि ‘कॉर्पोरेट फंडेड’ सरकार बन चुकी है।
सबरीमाला मुद्दे से गरमाई सियासत, एजेंसियों पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने चुनाव में सबरीमाला मंदिर का संवेदनशील मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने मंदिर से ‘सोना चोरी’ होने और उसकी जगह पीतल रखने का गंभीर आरोप लगाया। राहुल ने सीधा सवाल पूछा कि इतने भ्रष्टाचार के बाद भी ईडी या सीबीआई मुख्यमंत्री से पूछताछ क्यों नहीं कर रही है? उन्होंने जनता से कहा कि यह कांग्रेस के खिलाफ बीजेपी और एलडीएफ की ‘सीक्रेट डील’ का पक्का सबूत है। इन आरोपों के बाद राज्य का राजनीतिक पारा अचानक सातवें आसमान पर पहुंच गया है।
वामपंथी दल का तीखा पलटवार, विजयन ने भी दिया जवाब
राहुल गांधी के इन आक्रामक हमलों का सीपीआई ने बेहद कड़ा जवाब दिया है। एर्नाकुलम से सीपीआई सांसद पी. संदोष कुमार ने राहुल के बयानों को पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना बताया। संदोष ने कहा कि राहुल गांधी केरल की जमीनी हकीकत से बिल्कुल कटे हुए नेता हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ‘इंडिया’ गठबंधन का नेता अपने ही साथियों पर ऐसे बेतुके हमले आखिर कैसे कर सकता है? दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री विजयन ने भी कांग्रेस पर सीधा निशाना साधा। विजयन ने कांग्रेस नेताओं पर टिकट के बदले पैसे लेने का गंभीर आरोप जड़ दिया।
क्या 9 अप्रैल को बदलेगा केरल का राजनीतिक समीकरण?
केरल की 140 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होना है। इसके चुनावी नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। एलडीएफ अपनी सत्ता बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। वहीं, यूडीएफ को इस बार सत्ता में वापसी की भारी उम्मीद है। राज्य में बीजेपी भी अपनी मजबूत पैठ बनाने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी और वामपंथी नेताओं के बीच जारी यह कड़वी जुबानी जंग चुनाव को नया मोड़ दे सकती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता विजयन के विकास मॉडल को चुनती है या राहुल के आरोपों पर मुहर लगाती है।

