India News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने की बात कही है। सुरक्षा दबाव और पुनर्वास प्रयासों के चलते नक्सलवाद को करारा झटका लगा है। अधिकारियों के अनुसार, पिछले एक दशक में 10,000 से अधिक माओवादियों ने हथियार डाल दिए हैं। 2025 में 2,300 और 2026 के पहले तीन महीनों में 630 से अधिक कैडर मुख्यधारा में लौटे हैं।
रेड कॉरिडोर में सड़क निर्माण और सुरक्षा शिविर
सरकार नेनक्सलवाद के खिलाफ एकीकृत और निर्णायक रणनीति अपनाई है। रेड कॉरिडोर में सीमा सड़क संगठन को पीएलजीए के गढ़ों में सड़कें बनाने का काम सौंपा गया। प्रभावित क्षेत्रों में 15,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण हुआ है। पिछले 10 वर्षों में किलेबंद पुलिस स्टेशनों की संख्या 66 से बढ़कर 586 हो गई है। पिछले 6 वर्षों में 361 नए सुरक्षा शिविर और 68 रात्रिकालीन हेलीपैड बनाए गए हैं।
विकास योजनाओं का आम लोगों तक पहुंचना
जिन क्षेत्रोंमें शासन व्यवस्था कमजोर थी, वहां सरकारी योजनाओं का लाभ अब आम लोगों तक पहुंचने लगा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत घरों की संख्या बढ़कर 2.54 लाख हो गई है। आयुष्मान कार्ड जारी करने में भी तेजी आई है। पिछले 10 वर्षों में 250 से अधिक एकलव्य विद्यालयों को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 179 कार्यरत हैं।
जांच एजेंसियों की कार्रवाई और पुनर्वास योजना
नक्सलियोंके वित्तपोषण पर कार्रवाई ने आंदोलन को करारा झटका दिया है। एनआईए ने 40 करोड़ रुपये, राज्य अधिकारियों ने 40 करोड़ रुपये जब्त किए हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने 12 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। संशोधित आत्मसमर्पण-सह-पुनर्वास योजना पूर्व कार्यकर्ताओं को वित्तीय सहायता, कौशल प्रशिक्षण और आवास सहायता प्रदान करती है। इसके चलते छत्तीसगढ़ में यह आंदोलन नेतृत्वहीन हो गया है, जो शुरुआत के बाद पहली बार हुआ है।


