Jharkhand News: झारखंड के जमशेदपुर में रविवार का दिन खून-खराबे और दर्दनाक हादसों के नाम रहा, जिससे पूरे शहर में मातम पसर गया है। उलीडीह थाना क्षेत्र के मून सिटी स्थित साईं मंदिर के पास अपराधियों ने एक युवक पर चापड़ से प्राणघातक हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया। दूसरी ओर, चांडिल थाना क्षेत्र में एक भीषण सड़क दुर्घटना ने दो परिवारों के चिराग बुझा दिए, जहां जन्मदिन मनाने जा रहे दो दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई। इन घटनाओं ने पुलिस की गश्ती और सड़क सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उलीडीह मून सिटी के पास खूनी संघर्ष
जमशेदपुर के उलीडीह इलाके में पुरानी रंजिश को लेकर अपराधियों ने दुस्साहस का परिचय दिया है। मून सिटी के समीप क्षीतिज सिंह नामक युवक पर धारदार चापड़ से हमला किया गया, जिससे वह बुरी तरह जख्मी हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को तत्काल एमजीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार क्षीतिज के सिर पर गहरे जख्म हैं और अत्यधिक खून बह जाने के कारण उसे बचाना एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।
गलतफहमी में हुआ जानलेवा हमला
इस वारदात के पीछे दो दिन पहले डिमना चौक पर हुई छिनतई की एक नाकाम कोशिश बताई जा रही है। घायल के परिजनों का आरोप है कि शुभम सिंह नामक अपराधी ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया है। दरअसल, शुभम का विवाद ओम नामक युवक से था, जिसकी बुलेट लेकर क्षीतिज मून सिटी गया था। हमलावरों ने बाइक देखकर क्षीतिज को ही ओम समझ लिया और उस पर ताबड़तोड़ प्रहार शुरू कर दिए। हमले के वक्त अपराधी पूरी तैयारी के साथ आए थे।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
परिजनों का कहना है कि आरोपी शुभम सिंह को पहले भी पुलिस ने हिरासत में लिया था, लेकिन वह छूटते ही धमकियां देने लगा। ओम को फोन पर जान से मारने की चेतावनी दी गई थी, जिसकी सूचना पुलिस को होने के बावजूद कोई सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाया गया। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने दिनदहाड़े भीड़भाड़ वाले इलाके में इस हिंसक वारदात को अंजाम दिया। पुलिस अब आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है।
जन्मदिन की खुशियां मातम में बदलीं
जमशेदपुर के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत बारीडीह के रहने वाले अमन कुमार का रविवार को जन्मदिन था। अपनी खुशियों को साझा करने के लिए वह अपने दो दोस्तों विकास रजक और कैप्टन शर्मा के साथ देवड़ी मंदिर दर्शन करने निकला था। तीनों दोस्त एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर देवड़ी जा रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। चांडिल के पास एक अनियंत्रित भारी वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इस टक्कर के बाद चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
सड़क हादसे में दो की दर्दनाक मौत
चांडिल में हुए इस भीषण सड़क हादसे में अमन कुमार और विकास रजक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। अमन ट्रांसपोर्ट का काम देखता था, जबकि विकास एक निजी फाइनेंस कंपनी में कार्यरत था। तीसरे दोस्त कैप्टन शर्मा को मामूली चोटें आई हैं, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। घटना की सूचना मिलते ही मृतकों के घर में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे बार-बार अमन को देवड़ी मंदिर न जाने की सलाह देने की बात याद कर रहे हैं।
अस्पताल और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया
पुलिस ने दुर्घटना के बाद दोनों शवों को अपने कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। चांडिल पुलिस उस अज्ञात भारी वाहन की तलाश कर रही है जिसने बाइक को टक्कर मारी और चालक वाहन समेत फरार हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों का कहर अक्सर बेगुनाह लोगों की जान लेता रहता है। जिला प्रशासन से मांग की गई है कि ऐसे संवेदनशील इलाकों में गति सीमा निर्धारित कर पुलिस पिकेट बनाई जाए।
अपराध और दुर्घटनाओं से सहमा शहर
जमशेदपुर में एक ही दिन में हुई इन दो बड़ी घटनाओं ने आम नागरिकों के मन में डर पैदा कर दिया है। एक तरफ उलीडीह की खूनी वारदात ने कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है, वहीं दूसरी ओर चांडिल सड़क हादसे ने यातायात नियमों की अनदेखी को उजागर किया है। शहर के लोग अब प्रशासन से रात के समय गश्ती बढ़ाने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजकर न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
सुरक्षा और सतर्कता की अपील
प्रशासन ने युवाओं से अपील की है कि वे दोपहिया वाहनों का प्रयोग करते समय हेलमेट पहनें और रफ्तार पर नियंत्रण रखें। विशेषकर त्योहारों या निजी आयोजनों के दौरान सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है। उलीडीह हमले के बाद पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान पुख्ता की जा सके। शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए पुलिस की कई टीमें अलग-अलग बिंदुओं पर गहन जांच में जुटी हुई हैं।


