West Bengal News: भारतीय सेना ने रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील पूर्वी कमान में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव किया है। लेफ्टिनेंट जनरल वीएमबी कृष्णन ने बुधवार को कोलकाता स्थित पूर्वी कमान मुख्यालय में जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) का पदभार संभाल लिया है। उन्होंने यह जिम्मेदारी लेफ्टिनेंट जनरल रामचंद्र तिवारी से ग्रहण की। जनरल तिवारी लगभग चार दशकों की बेदाग सैन्य सेवा के बाद 31 मार्च को सेवानिवृत्त हुए। चीन के साथ अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम सेक्टर की सीमाओं की रक्षा करने वाली इस कमान को भारतीय सेना का ‘पूर्वी दुर्ग’ कहा जाता है।
सियाचिन के योद्धा और ब्रह्मास्त्र कोर के पूर्व मुखिया
लेफ्टिनेंट जनरल कृष्णन का सैन्य अनुभव लगभग चार दशक पुराना और बेहद समृद्ध है। वे जून 1988 में भारतीय सेना में शामिल हुए थे। उन्होंने दुनिया के सबसे ऊंचे और दुर्गम युद्धक्षेत्र सियाचिन में इन्फैंट्री बटालियन और ब्रिगेड का सफल नेतृत्व किया है। इसके अलावा, उन्होंने सेना की बेहद शक्तिशाली ‘ब्रह्मास्त्र कोर’ के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। वे देश के कई संवेदनशील इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दे चुके हैं।
लंदन से दिल्ली तक रहा रणनीतिक प्रभाव
जनरल कृष्णन का अनुभव केवल मैदान तक सीमित नहीं रहा है। उन्होंने रक्षा मंत्रालय में महानिदेशक (सूचना प्रौद्योगिकी) के रूप में भी अपनी योग्यता साबित की है। इसके साथ ही, उन्होंने लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में रक्षा सलाहकार के रूप में कूटनीतिक जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई। नई कमान संभालने से पहले वे सेना मुख्यालय में क्वार्टर मास्टर जनरल (QMG) के पद पर तैनात थे। वहां उन्होंने सेना की रसद आपूर्ति और बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी सुधार कर सैन्य शक्ति को और अधिक धार दी।
चीन सीमा पर शांति और सुरक्षा के लिए नई रणनीति
पदभार संभालते ही जनरल कृष्णन ने विजय स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने पूर्वी कमान के सभी जवानों से हमेशा युद्ध के लिए तैयार रहने (Operationally Ready) का आह्वान किया। जनरल ने साफ किया कि उनकी प्राथमिकता आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल और सुरक्षा के सभी हितधारकों के साथ बेहतर तालमेल बैठाना है। उनका मुख्य लक्ष्य पूर्वी क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना है। याद रहे कि पूर्वी कमान ही सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की रक्षा करती है।

