Himachal News: सिरमौर जिले में अवैध खनन करने वालों के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक सर्जिकल स्ट्राइक की है। पुलिस कप्तान (एसपी) के नेतृत्व में चली इस विशेष मुहिम ने खनन माफियाओं के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने अचानक छापेमारी कर 42 वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया है। इस कार्रवाई के बाद से जिले के नदी-नालों में अवैध खुदाई करने वाले गिरोहों में भारी दहशत का माहौल है।
आधी रात को बिछाया गया जाल, शिकंजे में आए 42 वाहन
पुलिस अधीक्षक (एसपी) सिरमौर के पास पिछले लंबे समय से अवैध खनन की गुप्त सूचनाएं पहुंच रही थीं। इन शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए एसपी ने एक गुप्त प्लान तैयार किया और जिले के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में दबिश दी। पुलिस की इस मुस्तैदी का नतीजा यह रहा कि मौके से कुल 42 वाहन पकड़े गए। इनमें से 39 वाहनों पर सीधे तौर पर खनन अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। वहीं, 3 अन्य वाहनों को यातायात नियमों (मोटर वाहन अधिनियम) के उल्लंघन में लपेटा गया है।
अदालत तक पहुंचा मामला, जब्त गाड़ियों की बढ़ी मुश्किलें
पुलिस ने पकड़े गए सभी वाहनों को तत्काल प्रभाव से इम्पाउंड (जब्त) कर लिया है। इन सभी मामलों की फाइलें अब कानूनी प्रक्रिया के लिए अदालत में पेश कर दी गई हैं। इसका सीधा मतलब है कि अब इन वाहन मालिकों को कोर्ट के चक्कर काटने होंगे और भारी जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। एसपी एनएस नेगी ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यह अभियान महज एक शुरुआत है। उन्होंने साफ कर दिया है कि सिरमौर की धरती पर प्राकृतिक संसाधनों की लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
खनन माफियाओं को एसपी की सीधी चेतावनी
जिले में पुलिस की इस सक्रियता ने यह संदेश दे दिया है कि वर्दी अब मूकदर्शक बनकर नहीं बैठेगी। एसपी नेगी ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि आने वाले दिनों में यह अभियान और भी तेज होगा। पुलिस की टीमें अब ड्रोन और गुप्तचरों के जरिए उन रास्तों पर नजर रख रही हैं, जहां से रात के अंधेरे में रेत और पत्थरों की तस्करी होती है। प्रशासन की इस सख्ती से स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है।


