Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर का शनिवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने स्थलीय निरीक्षण किया। न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी करीब एक घंटे तक परिसर में रहे। उन्होंने परिसर के बाहरी और आंतरिक हिस्सों की स्थिति का जायजा लिया।
हिंदू फ्रंट फार जस्टिस की याचिका पर हो रही सुनवाई
हिंदूफ्रंट फार जस्टिस की याचिका पर इंदौर हाईकोर्ट में वाग्देवी (सरस्वती) मंदिर बनाम कमाल मौला मस्जिद प्रकरण विचाराधीन है। इस मामले की सुनवाई में भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को स्पष्ट किया जाना है। गत 16 मार्च को हुई सुनवाई में खंडपीठ ने सभी पक्षों को सुनने के बाद विवादित स्थल का स्वयं निरीक्षण करने की बात कही थी।
एएसआइ के अधिकारी रहे मौजूद, ली जानकारी
उसीक्रम में 12 दिन बाद शनिवार को न्यायमूर्तियों ने परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआइ) द्वारा किए गए सर्वे के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। इस दौरान एएसआइ के अधिकारी मौके पर उपस्थित रहे। न्यायमूर्तियों ने विभागीय अधिकारियों से सर्वे से जुड़े बिंदुओं पर भी चर्चा की।
दो अप्रैल से शुरू होगी नियमित सुनवाई
भोजशालामामले में आगामी दो अप्रैल से नियमित सुनवाई प्रस्तावित है। न्यायमूर्तियों का यह स्थल निरीक्षण कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परिसर का स्थलीय निरीक्षण उन्हें वास्तविक स्थिति समझने में सहायक होगा। आगे की सुनवाई में यह निरीक्षण एक मजबूत आधार बन सकता है।


