Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में बारिश और तेज आंधी ने भारी तबाही मचाई है। कई इलाकों में मकानों की छतें गिर गईं और पेड़ उखड़ गए हैं। इस आपदा के कारण अलग-अलग जगहों पर अब तक नौ लोगों की दर्दनाक मौत हुई है। मौसम विभाग ने स्थिति देखकर राज्य के पचास से अधिक जिलों में फिर से नया अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों को बहुत सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी है।
कानपुर में आंधी से सबसे ज्यादा तबाही
कानपुर शहर में आंधी और बारिश ने सबसे ज्यादा कहर बरपाया है। यहाँ तेज आंधी के कारण दो सौ से अधिक बड़े पेड़ जड़ से उखड़ गए। पेड़ और मकान गिरने की घटनाओं में अकेले कानपुर में चार लोगों ने अपनी जान गंवाई है। तेज हवाओं ने बिजली के तारों को भी बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। इससे कई इलाकों में बिजली की भारी कटौती देखने को मिली। बचाव दल लगातार सड़कों से गिरे पेड़ हटा रहे हैं।
पचास जिलों में तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रयागराज और वाराणसी समेत पचास जिलों में नया अलर्ट जारी किया है। मिर्जापुर और फतेहपुर जैसे बीस जिलों में तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इन इलाकों में चालीस से पचास किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को घरों के अंदर सुरक्षित रहने की सलाह दी है। तेज आंधी के दौरान किसानों को भी खेतों में काम करने से बचने को कहा है। प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है।
कई इलाकों में मेघगर्जन और बिजली गिरने की चेतावनी
मौसम विभाग ने तेज हवाओं के साथ कई प्रमुख शहरों में भारी बारिश की आशंका जताई है। लखनऊ और अयोध्या में मेघगर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिरने की कड़ी चेतावनी है। इसके अलावा मेरठ और मुरादाबाद में भी खराब मौसम का कहर देखने को मिलेगा। प्रशासन ने बरेली और सहारनपुर के लोगों को बहुत ज्यादा सावधानी बरतने के लिए कहा है। विभाग ने सभी स्थानीय अधिकारियों को आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
आने वाले दिनों के मौसम का ताजा हाल
क्षेत्रीय मौसम निदेशक के अनुसार सोमवार दोपहर तक पुराने पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होगा। पाकिस्तान के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण उत्तर प्रदेश के क्षोभमंडल पर अपना असर दिखा रहा है। इससे पांच अप्रैल की शाम से मौसम में थोड़ी बहुत स्थिरता जरूर आएगी। हालांकि सात अप्रैल से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ राज्य में अपनी दस्तक देगा। इस कारण प्रदेश में नौ अप्रैल तक मौसम का यह लुका-छिपी का खतरनाक खेल इसी तरह लगातार जारी रहेगा।


