Bihar News: पश्चिमी चंपारण (बिहार) में समाजसेवी और ईस्टरें हाईलाड्स ग्रुप के संस्थापक रुपेश पाण्डेय की माता सरोज पांडेय का कल शाम 6 बजे निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रही थीं। उनके निधन से गृह जिले में शोक की लहर है। रुपेश पाण्डेय ने अपनी माता को प्रेरणा स्रोत बताते हुए गहरा दुख व्यक्त किया है। परिवार ने सभी से प्रार्थना करने की अपील की है।
समाजसेवी सरोज पांडेय: गाँव की हर जरूरतमंद की मदद के लिए रहती थीं तत्पर
सरोज पांडेय अपने गाँव में एक जानी-मानी समाजसेवी थीं। वह हमेशा जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे रहती थीं। उनके स्वभाव की सादगी और सेवाभाव ने उन्हें क्षेत्र में लोकप्रिय बना दिया था। स्थानीय लोग उनकी ममता और स्नेह के लिए उन्हें याद करते हैं। उनकी बीमारी के दौरान कई लोगों ने उनके स्वास्थ्य की कामना की थी। लेकिन शनिवार शाम को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से गाँव में सन्नाटा पसर गया है।
रुपेश पाण्डेय ने कहा- ‘माँ मेरे जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा थीं’
ईस्टरें हाईलाड्स ग्रुप के संस्थापक और मुंबई के उभरते उद्यमी रुपेश पाण्डेय ने अपनी माँ के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा, “माँ के जाने का समाचार मुझे गहरे दुख में डाल दिया है। वह मेरे जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा थीं।” उन्होंने कहा कि उनकी माँ का प्यार और संघर्ष हमेशा उनके साथ रहेगा। रुपेश पाण्डेय मूल रूप से चंपारण के रहने वाले हैं और बॉलीवुड व सामाजिक क्षेत्रों में भी सक्रिय हैं। उनकी माँ के निधन से उनके प्रशंसकों और परिचितों में भी शोक है।
पैतृक आवास पर शुभचिंतकों का तांता, अंतिम संस्कार की तैयारी जारी
सरोज पांडेय के निधन के बाद उनके पैतृक आवास पर शुभचिंतकों का आना-जाना लगा रहा। लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने और परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। रुपेश पाण्डेय और उनका पूरा परिवार इस कठिन घड़ी में सभी मित्रों और शुभचिंतकों से समर्थन की अपील करता है। अंतिम संस्कार की सभी प्रक्रियाएं परिवार के करीबी सदस्यों की उपस्थिति में पूरी की जाएंगी। फिलहाल अंतिम संस्कार के समय और स्थान की जानकारी परिवार की ओर से साझा नहीं की गई है। सभी लोग दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
पश्चिमी चंपारण में शोक, लोगों ने जताया दुख
सरोज पांडेय के निधन की खबर फैलते ही पश्चिमी चंपारण जिले में शोक की लहर दौड़ गई। जिले के कई गणमान्य नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने शोक व्यक्त किया है। स्थानीय लोगों ने उनके सामाजिक कार्यों को याद करते हुए कहा कि उनके जाने से एक युग का अंत हो गया। रुपेश पाण्डेय के समर्थकों ने भी अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं। परिवार ने सभी से दुआ मांगने की गुजारिश की है। फिलहाल सभी की निगाहें अंतिम संस्कार पर टिकी हैं। परिवार इस दुख की घड़ी में सबसे अकेला है, लेकिन लोग उनके साथ खड़े हैं।

