Bihar News: पूर्णिया विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। इस बार मामला किसी शैक्षणिक गतिविधि का नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक आपत्तिजनक वीडियो का है। वायरल वीडियो में एक प्रोफेसर अपनी पीएचडी छात्रा के साथ बेहद सहज अंदाज में नजर आ रहे हैं। इस घटना ने विश्वविद्यालय की गरिमा और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कुलपति ने उच्च स्तरीय जांच के कड़े आदेश दिए हैं।
रेस्टोरेंट में एक ही प्लेट से डोसा साझा करने का वीडियो हुआ वायरल
सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे इस वीडियो में प्रोफेसर अपनी छात्रा के साथ शहर के एक प्रसिद्ध रेस्टोरेंट ‘डोसा प्लाजा’ में बैठे दिख रहे हैं। वीडियो में दोनों एक ही प्लेट में डोसा साझा करते हुए बातचीत कर रहे हैं। उनके बीच का व्यवहार किसी गुरु और शिष्य जैसा सामान्य नहीं लग रहा है। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी एक होटल की तस्वीर सामने आई थी। अब इस ताजा वीडियो ने परिसर के माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है।
कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने दिए जांच के सख्त निर्देश
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने इस मामले का त्वरित संज्ञान लिया है। उन्होंने साफ कहा कि विश्वविद्यालय की छवि के साथ कोई भी खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कुलपति ने अनुशासनिक समिति को निर्देशित किया है कि वीडियो की सत्यता की तत्काल जांच की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का प्राथमिक लक्ष्य संस्थान की प्रतिष्ठा को बचाना और अनुशासन बनाए रखना है।
संस्थान की प्रतिष्ठा धूमिल होने पर प्रॉक्टर ने जताई गहरी चिंता
विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर डॉ. उदय नारायण सिंह ने इस पूरी घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उनके मुताबिक, इस तरह की गतिविधियों से एक शैक्षणिक संस्थान की वर्षों की कमाई हुई प्रतिष्ठा धूमिल होती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले में कोई ढिलाई नहीं बरतेगा। प्रॉक्टर ने कहा कि गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते की मर्यादा हर हाल में कायम रहनी चाहिए। फिलहाल प्रशासन वीडियो के तकनीकी पहलुओं और सच्चाई की बारीकी से पड़ताल कर रहा है।
आक्रोशित छात्रों का भारी विरोध प्रदर्शन, कुलपति की गाड़ी घेरी
वीडियो वायरल होने के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार हंगामा किया। छात्र नेताओं ने कुलपति की गाड़ी के सामने धरने पर बैठकर न्याय की मांग की। प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रोफेसर पर अनैतिक आचरण के आरोप लगाए और उन्हें तुरंत बर्खास्त करने की मांग रखी। काफी देर तक चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। इसके बाद ही छात्र शांत हुए और अपना आंदोलन समाप्त किया।

