North India News: उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर बहुत खतरनाक करवट लेने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग ने आज भयंकर आंधी-तूफान और ओलावृष्टि की कड़ी चेतावनी जारी की है। इस मौसमी बदलाव का सबसे ज्यादा और गंभीर असर दिल्ली-एनसीआर पर देखने को मिलेगा। पश्चिमी विक्षोभ के कारण पूरे उत्तर भारत में भारी नमी पहुंच रही है। मौसम विभाग ने आम जनता को घरों से बाहर निकलते समय बहुत ज्यादा सावधानी बरतने की सख्त सलाह दी है।
अजब-गजब मौसम का दिखेगा अनोखा नजारा
मौसम वैज्ञानिकों ने आज के मौसम को लेकर एक हैरान करने वाली बात कही है। एनसीआर के कई इलाकों में मौसम का बेहद अजब-गजब मिजाज देखने को मिलेगा। एक इलाके में तेज बारिश और भारी ओले गिर सकते हैं। वहीं बिल्कुल पड़ोस का इलाका पूरी तरह से सूखा रह सकता है। दिल्ली और एनसीआर के लगभग आधे हिस्से में मौसम शुष्क रहने की पूरी संभावना है। शाम के समय बाहर निकलते हुए लोगों को अपने साथ छाता जरूर रखना चाहिए।
पश्चिमी विक्षोभ से बिगड़ा पूरे उत्तर भारत का मौसम
इस मौसमी बदलाव की मुख्य वजह एक ताकतवर पश्चिमी विक्षोभ है। यह विक्षोभ भूमध्य सागर से नमी लेकर सीधे उत्तर भारत पहुंच रहा है। यह सिस्टम तीन अप्रैल को ही भारत के उत्तरी हिस्से में प्रवेश कर चुका था। इसका असर अभी भी देश के कई हिस्सों में लगातार बना हुआ है। इसी विक्षोभ के कारण अप्रैल महीने में लोगों को ठंड और नमी का अहसास हो रहा है। आज भी तेज बारिश और गरज-चमक का यही पैटर्न बना रहेगा।
कल से शुरू होगा तबाही का असली मंजर
आज की ओलावृष्टि केवल इस मौसमी खतरे की एक छोटी शुरुआत है। मौसम विभाग के अनुसार असली खतरा कल यानी सात अप्रैल से शुरू होगा। कल से एक ज्यादा शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ देश के बड़े हिस्से को प्रभावित करेगा। इसका सीधा असर राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश पर पड़ेगा। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, पंजाब और उत्तर प्रदेश समेत देश के चालीस प्रतिशत हिस्से पर इसका भारी असर दिखेगा। यह खतरनाक मौसमी दौर नौ अप्रैल तक लगातार जारी रहेगा।
मैदानी इलाकों में ओलावृष्टि बढ़ाएगी मुश्किलें
मैदानी इलाकों की मुश्किलें अब काफी ज्यादा बढ़ने वाली हैं। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में सात से दस अप्रैल तक भारी बारिश का अलर्ट है। इन राज्यों में तेज गरज-चमक के साथ भयंकर ओलावृष्टि जारी रहेगी। तीन और चार अप्रैल को भी इन राज्यों में बड़े ओले गिरे थे। उस ओलावृष्टि से गेहूं की फसलों को बहुत भारी नुकसान पहुंचा था। अब कल से यह तबाही और ज्यादा बढ़ने की पूरी आशंका मौसम विभाग ने जताई है।
किसानों के लिए आज का दिन बेहद अहम
मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए एक बहुत जरूरी सलाह दी है। जिन इलाकों में गेहूं की फसल तैयार है, वे किसान आज ही कटाई कर लें। आज छह अप्रैल के बाद देरी करने पर ओलावृष्टि पूरी फसल बर्बाद कर देगी। यह विक्षोभ दस अप्रैल के बाद कमजोर पड़ेगा। इसके बाद अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा पूरी तरह सूखा रहेगा। उस दौरान लोगों को तेज गर्मी सहनी पड़ेगी।
गेहूं के अलावा इन फसलों को भी भारी खतरा
बेमौसम की इस भयंकर बारिश से केवल गेहूं ही नहीं बल्कि अन्य फसलों को भी नुकसान है। खेतों में पक कर तैयार सरसों और चने की फसल पर बड़ा संकट है। इसके अलावा आम और लीची के बागानों में तेज आंधी से तबाही मच सकती है। ओलावृष्टि के कारण फलों के गिरने का बहुत बड़ा खतरा बना हुआ है। कृषि वैज्ञानिक लगातार किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने की सलाह दे रहे हैं।
खराब मौसम में आम जनता बरते पूरी सावधानी
मौसम का मिजाज इन दिनों बहुत ज्यादा अप्रत्याशित बना हुआ है। किसानों के साथ आम जनता को भी बहुत ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर शाम और रात के समय बाहर निकलते हुए पूरी सावधानी बरतें। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि लापरवाही भारी परेशानी का सबब बन सकती है। आंधी तूफान के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ही रहने की सख्त हिदायत दी गई है।
सरकार और प्रशासन भी हुए पूरी तरह सतर्क
खराब मौसम की चेतावनी के बाद स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। आपातकालीन सेवाओं को हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है। मौसम विभाग सैटेलाइट के जरिए तूफानी बादलों पर पैनी नजर रखे हुए है। किसानों को कृषि विभाग की तरफ से लगातार अलर्ट भेजे जा रहे हैं। नागरिकों से आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर ही भरोसा करने की सख्त अपील की गई है।


