मध्य प्रदेश में गेहूं पर महासंग्राम! उमंग सिंघार ने कुत्ते को सौंपा ज्ञापन, जीतू पटवारी ने कलेक्टर को दी खुली चेतावनी

Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी को लेकर सियासी घमासान बहुत तेज हो गया है। खरीदी की तारीखों में बदलाव और बारदाने की कमी से किसान बेहद परेशान हैं। इसे लेकर कांग्रेस पार्टी पूरे प्रदेश में सड़कों पर उतर आई है। गुरुवार को कांग्रेस नेताओं ने भारी विरोध प्रदर्शन किया। किसानों को गेहूं बेचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस ने इस अव्यवस्था के खिलाफ सरकार के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है।

उमंग सिंघार ने कुत्ते को सौंपा ज्ञापन

सीहोर में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान एक बहुत ही हैरान करने वाली घटना हुई। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार किसानों की समस्या लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। वह वहां कलेक्टर को बाहर बुलाने की मांग पर लगातार अड़े रहे। इस दौरान उनकी अधिकारियों के साथ काफी तीखी बहस भी हुई। जब कलेक्टर बाहर नहीं आए तो सिंघार ने अनोखा विरोध जताया। उन्होंने एक कुत्ते को सीहोर का कलेक्टर बताकर उसे ही अपना ज्ञापन सौंप दिया।

जीतू पटवारी ने कलेक्टर को लगाई फटकार

भोपाल में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का भारी घेराव करने का प्रयास किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी छतरपुर जाते समय अचानक सागर रुक गए। उन्होंने सागर में परेशान किसानों के साथ मिलकर अपना कड़ा विरोध जताया। मंडी बंद होने से किसान भीषण गर्मी में कई दिनों से भूखे-प्यासे पड़े हैं। किसानों का दर्द सुनकर जीतू पटवारी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने मौके से ही सीधे सागर कलेक्टर को फोन लगा दिया।

किसानों के अधिकार पर सरकार को चेतावनी

जीतू पटवारी ने फोन पर कलेक्टर संदीप जीआर से बेहद तल्ख लहजे में बात की। उन्होंने कहा कि मंडी तीन-चार दिन से पूरी तरह बंद पड़ी है। आप तत्काल मौके पर आकर पूरी गेहूं खरीदी व्यवस्था शुरू करवाएं। पटवारी ने राज्य सरकार पर भी सीधा निशाना साधा। उन्होंने याद दिलाया कि भाजपा ने गेहूं का समर्थन मूल्य सत्ताईस सौ रुपए करने का वादा किया था। आज किसान अपना अनाज बेहद सस्ते दाम पर बेचने को मजबूर हैं।

हम्मालों की हड़ताल से अनाज हुआ खराब

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार बारदाने की कमी का झूठा बहाना बना रही है। सरकार जानबूझकर गेहूं खरीदी में लगातार देरी कर रही है। सागर मंडी में प्रशासन ने आज से गेहूं खरीदी शुरू करने का ऐलान किया था। किसान अपनी भारी उपज लेकर सीधे मंडी पहुंच गए थे। लेकिन वहां हम्मालों की हड़ताल के कारण तुलाई का काम शुरू नहीं हो सका। खुले आसमान के नीचे गेहूं पड़े रहने से उसके खराब होने का खतरा है।

मांगें नहीं मानी तो मंडियों में लगेगा ताला

किसानों का कहना है कि तुलाई में देरी से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। गेहूं खुले में पड़ा है और मौसम भी लगातार खराब हो रहा है। कांग्रेस पार्टी ने सरकार को बहुत ही सख्त चेतावनी दे दी है। जीतू पटवारी ने साफ कहा है कि किसानों को उनकी उपज का सही दाम तुरंत मिलना चाहिए। यदि गेहूं खरीदी की व्यवस्था जल्द दुरुस्त नहीं हुई, तो पूरे प्रदेश की सभी मंडियों में कामकाज ठप कर दिया जाएगा।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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