Madhya Pradesh News: इंदौर नगर निगम में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर शुरू हुआ विवाद काफी उग्र हो गया है। राजनीतिक दलों की जुबानी जंग के बीच हिंदू जागरण मंच ने एक बड़ी विवादित घोषणा की है। संगठन ने कहा है कि कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख का मुंह काला करने वाली महिला को इक्यावन हजार रुपये का नकद इनाम मिलेगा। पार्षद ने राष्ट्रगीत गाने से साफ इनकार किया था। इस भड़काऊ ऐलान के बाद पूरे शहर का माहौल बहुत तनावपूर्ण हो गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ऐसे शुरू हुआ था वंदे मातरम् का पूरा विवाद
यह विवाद आठ अप्रैल को इंदौर नगर निगम के बजट सत्र के दौरान शुरू हुआ था। आरोप है कि सदन में वंदे मातरम् गान के समय कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख वहां मौजूद नहीं थीं। देर से पहुंचने पर भाजपा पार्षद सुरेश कुरवाड़े ने कड़े सवाल उठाए। इसके जवाब में फौजिया ने कहा कि वंदे मातरम् गाना अनिवार्य नहीं है। यह उनकी व्यक्तिगत इच्छा पर निर्भर करता है। इस तीखी बहस के बाद निगम सभापति ने फौजिया को एक दिन के लिए सदन से बाहर किया था।
रुबीना खान के बयान ने आग में डाला घी
फौजिया शेख के मामले के बाद कांग्रेस की एक और पार्षद रुबीना इकबाल खान का बयान सामने आ गया। रुबीना ने सदन में जबरन वंदे मातरम् गवाने का कड़ा विरोध किया और तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी के दबाव में यह गीत गाना बिल्कुल भी जरूरी नहीं है। रुबीना के इस सख्त बयान ने विवाद की आग को और भड़का दिया। इसके बाद कांग्रेस पार्टी के अंदर ही भारी मतभेद खुलकर सामने आ गए। कई नेताओं ने उनके बयान से खुद को अलग कर लिया।
हिंदू संगठन की धमकी और राजनीतिक दलों का एक्शन
मामला गरमाने के बाद हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक सुमित हार्डिया ने सोशल मीडिया पर एक विवादित पोस्ट शेयर की। उन्होंने फौजिया शेख का मुंह काला करने वाली महिला को इक्यावन हजार रुपये देने का ऐलान किया। दूसरी तरफ भाजपा ने दोनों महिला पार्षदों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। वहीं, इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने रुबीना खान के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव भोपाल भेजा है।
कांग्रेस ने अपने कार्यक्रमों में किया गान अनिवार्य
इस भारी फजीहत और विरोध के बाद कांग्रेस पार्टी ने तुरंत डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश शुरू कर दी है। इंदौर कांग्रेस कमेटी ने फैसला लिया है कि अब पार्टी के हर कार्यक्रम में वंदे मातरम् गाना अनिवार्य होगा। पार्टी का नेतृत्व बिल्कुल नहीं चाहता कि इस मुद्दे पर भाजपा को राजनीतिक फायदा मिल सके। हालांकि, कांग्रेस के इस कड़े फैसले से पार्टी के ही कुछ नेता असहज महसूस कर रहे हैं। पुलिस स्थिति पर नजर रख रही है।

