Ghaziabad News: इंदिरापुरम के अभय खंड में एक क्लिनिक के शटर के नीचे 15 साल का नाबालिग फंस गया। शनिवार सुबह स्टाफ ने कराहने की आवाजें सुनीं। पुलिस ने 20 मिनट के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उसे बाहर निकाला। लड़के की गर्दन और चेहरे पर गंभीर चोटें हैं। वह चोरी की कोशिश में अपने ही जाल में फंस गया था। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है।
शटर नहीं खुला तो स्टाफ के उड़ गए होश, अंदर से आ रही थी दर्द भरी आवाज
अभय खंड में डॉ. पवन शर्मा के हृदय रोग क्लिनिक पर शनिवार सुबह करीब 11 बजे स्टाफ पहुंचा। शटर सामान्य रूप से नहीं खुला। ताला खोलने के बाद भी शटर ऊपर नहीं उठा। अंदर से दर्द भरी कराहने की आवाजें आने लगीं। स्टाफ के सदस्य डर गए। उन्हें लगा कि कोई बिल्ली या जानवर फंस गया है। लेकिन असलियत कुछ और ही थी। उन्होंने तुरंत डॉक्टर और पुलिस को सूचना दी।
पीछे के दरवाजे से खुला राज: लड़के की गर्दन शटर और दीवार के बीच फंसी थी
डॉ. पवन शर्मा के पहुंचने पर क्लिनिक का पिछला दरवाजा खोला गया। अंदर का नजारा देख सबकी सांसें अटक गईं। एक नाबालिग लड़का शटर और दीवार के बीच इस तरह फंसा था कि उसकी गर्दन पूरी तरह जकड़ी हुई थी। वह न हिल पा रहा था और न ही चिल्ला पा रहा था। पुलिस के अनुसार, वह तड़के चोरी के इरादे से अंदर घुसने की कोशिश कर रहा था। तभी शटर गिर गया और उसकी गर्दन फंस गई।
20 मिनट का रेस्क्यू ऑपरेशन, कटर से काटकर निकाला गया लड़का
सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने कटर और रेस्क्यू उपकरणों की मदद से शटर को सावधानी से काटना शुरू किया। करीब 20 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद लड़के को सुरक्षित बाहर निकाला गया। उसके चेहरे और गर्दन पर गंभीर चोटें थीं। रेस्क्यू टीम ने तुरंत उसे प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद उसे संजय नगर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उसकी हालत स्थिर बताई है।
पुलिस बोली- ठीक होने के बाद ही होगी पूछताछ, साथी की तलाश जारी
एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि नाबालिग फिलहाल अस्पताल में है। उसके ठीक होने के बाद ही पुलिस उससे पूछताछ करेगी। पुलिस यह पता लगाएगी कि वह क्लिनिक के अंदर कैसे पहुंचा। अधिकारियों को संदेह है कि वह अकेला नहीं था। हो सकता है कि उसके साथ कोई और भी रहा हो। पुलिस इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। फिलहाल इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

