India News: पश्चिम एशिया में चल रहे भयंकर युद्ध के बीच भारत के लिए एक बहुत बड़ी राहत की खबर आई है। रसोई गैस से भरे दो भारतीय जहाज खतरनाक होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर चुके हैं। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने सोमवार को इस सफलता की जानकारी दी है। ये जहाज इसी हफ्ते भारत पहुंचने वाले हैं। इनके सुरक्षित लौटने से देश में गैस आपूर्ति की चिंताएं कम हो गई हैं। संकट के बीच यह एक बड़ी जीत है।
60 हजार मीट्रिक टन गैस लेकर लौट रहे जहाज
मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी मुकेश मंगल ने एक अहम इंटर-मिनिस्ट्रियल ब्रीफिंग में कई बड़ी जानकारियां साझा की हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय झंडे वाले ये दोनों जहाज 60,000 मीट्रिक टन से ज्यादा रसोई गैस लेकर आ रहे हैं। इस गैस की खेप से घरेलू बाजार को काफी बड़ी राहत मिलेगी। युद्ध के मौजूदा हालातों में इन जहाजों का सुरक्षित निकलना एक बहुत बड़ी कूटनीतिक और रणनीतिक सफलता है। सरकार पल-पल की स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है।
सात और नौ अप्रैल को भारत पहुंचेंगे दोनों जहाज
अधिकारी मुकेश मंगल के अनुसार इन जहाजों के नाम ‘ग्रीन सांघवी’ और ‘ग्रीन आशा’ हैं। ‘ग्रीन सांघवी’ सात अप्रैल को भारतीय तट पर पहुंचेगा। वहीं ‘ग्रीन आशा’ के नौ अप्रैल तक भारत पहुंचने की पूरी उम्मीद है। हालांकि युद्ध के हालातों को देखते हुए समय में थोड़ा बहुत बदलाव भी हो सकता है। फिलहाल दोनों जहाज अपनी तय दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। भारतीय प्रशासन उनके सुरक्षित आगमन के लिए पूरी तरह से मुस्तैद और तैयार है।
ग्रीन सांघवी और ग्रीन आशा पर सवार हैं भारतीय नाविक
इन दोनों जहाजों पर भारतीय नाविक पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। ‘ग्रीन सांघवी’ में करीब 46,000 मीट्रिक टन एलपीजी लदी हुई है। इस जहाज पर 25 भारतीय नाविक मौजूद हैं। वहीं ‘ग्रीन आशा’ जहाज 15,000 मीट्रिक टन गैस लेकर भारत की तरफ आ रहा है। इस जहाज पर 26 भारतीय नाविक सवार हैं। ये बहादुर नाविक अपनी जान जोखिम में डालकर देश के लिए ऊर्जा की इस महत्वपूर्ण खेप को सुरक्षित ला रहे हैं।
खाड़ी क्षेत्र में अब भी मौजूद हैं 16 भारतीय जहाज
यह गैस लाने वाले जहाज उन 16 भारतीय जहाजों का हिस्सा हैं जो खाड़ी में हैं। मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक अभी वेस्टर्न पर्शियन गल्फ रीजन में कुल 16 जहाज मौजूद हैं। इन जहाजों पर कुल 433 भारतीय नाविक अपनी अहम सेवाएं दे रहे हैं। इलाके में इतने सारे भारतीय जहाजों की मौजूदगी चिंता का विषय जरूर है। लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी जहाज और नाविक फिलहाल पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
कई तरह का जरूरी माल ढो रहे हैं भारतीय जहाज
खाड़ी क्षेत्र में मौजूद ये 16 जहाज अलग-अलग तरह का जरूरी सामान ढो रहे हैं। इनमें एक एलएनजी का जहाज और दो एलपीजी के जहाज शामिल हैं। इसके अलावा छह जहाज कच्चा तेल लेकर जा रहे हैं। वहां तीन कंटेनर जहाज, एक ड्रेजर और एक केमिकल टैंकर भी मौजूद है। साथ ही दो बल्क कार्गो जहाज भी वहां काम कर रहे हैं। भारत की अर्थव्यवस्था के लिए इन सभी जहाजों का सुरक्षित रहना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है।
पिछले 24 घंटों में नहीं हुई कोई भी अप्रिय घटना
तनावपूर्ण माहौल के बीच एडिशनल सेक्रेटरी ने देशवासियों को एक बहुत बड़ा भरोसा दिलाया है। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज के साथ कोई अप्रिय घटना नहीं घटी है। इलाके में मौजूद हमारे सभी नागरिक और नाविक पूरी तरह से सुरक्षित हैं। भारतीय नौसेना और संबंधित एजेंसियां इन जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरे पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि नुकसान न हो।
सरकार कर रही है हालात की 24 घंटे लगातार मॉनिटरिंग
पश्चिम एशिया में जंग के हालातों को देखते हुए भारत सरकार पूरी तरह से अलर्ट है। उच्च स्तर पर लगातार हर स्थिति की बहुत बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। डीजी शिपिंग की रिपोर्ट के अनुसार सरकार अब तक 1599 भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस ला चुकी है। यह बचाव अभियान बहुत ही सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा है। संकट में फंसे हर भारतीय को सुरक्षित स्वदेश लाना सरकार की सबसे बड़ी और पहली प्राथमिकता है।
एक दिन में 180 नाविकों की हुई सुरक्षित वतन वापसी
सरकार का यह बचाव अभियान काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटों के भीतर ही 180 नाविकों को स्वदेश लाया गया है। ये नाविक खाड़ी क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में फंसे हुए थे। इनकी सुरक्षित वापसी से इनके परिवारों ने एक बड़ी राहत की सांस ली है। सरकार लगातार दूतावासों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सीधे संपर्क में है। मुश्किल में फंसे लोगों को निकालने के लिए हर संभव बेहतरीन कदम उठाए जा रहे हैं।
भारतीय बंदरगाहों पर काम पूरी तरह से है सामान्य
इन अंतरराष्ट्रीय चिंताओं के बीच भारत के सभी बंदरगाहों पर कामकाज बिल्कुल सामान्य चल रहा है। मंत्रालय ने साफ किया है कि गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा के बंदरगाहों पर स्थिति एकदम ठीक है। केरल, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के मैरीटाइम बोर्ड्स ने भी सकारात्मक रिपोर्ट दी है। उन्होंने बताया है कि वहां जहाजों की कोई भी अतिरिक्त भीड़ नहीं है। पूरे देश में माल की लोडिंग और अनलोडिंग का काम बिना किसी रुकावट के बहुत सुचारू रूप से चल रहा है।


