India News: लेबनान पर इजरायल के लगातार हमलों ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात पर भारत ने अब अपनी चुप्पी तोड़ दी है। विदेश मंत्रालय ने इस भीषण संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त की है। हवाई हमलों में बेगुनाह नागरिकों की मौत ने स्थिति को और ज्यादा गंभीर बना दिया है। भारत सरकार ने सभी पक्षों से तुरंत संयम बरतने की सख्त अपील की है। कूटनीति के जरिए शांति बहाली समय की सबसे बड़ी मांग है।
विदेश मंत्रालय ने संयम बरतने और बातचीत की अपील की
भारतीय विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर अपना स्पष्ट रुख सामने रखा है। प्रवक्ता ने कहा कि हमले में निर्दोष लोगों की जान जाना बेहद दुखद है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का कड़ाई से पालन करने पर बहुत जोर दिया है। किसी भी सेना को युद्ध के दौरान आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाना चाहिए। भारत सरकार ने तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। बातचीत ही इस विनाशकारी संकट का एकमात्र विकल्प है।
लेबनान में इजरायली हमलों से भारी तबाही का मंजर
इजरायल की सेना पिछले कई दिनों से लेबनान के विभिन्न शहरों पर भारी बमबारी कर रही है। इन हवाई हमलों में हिजबुल्लाह के ठिकानों को मुख्य रूप से निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि इस हिंसक कार्रवाई में बड़ी संख्या में आम लोग भी मारे गए हैं। कई रिहायशी इमारतें पूरी तरह मलबे में तब्दील हो चुकी हैं। हजारों लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा है। हालात लगातार पूरी तरह बेकाबू होते जा रहे हैं।
पश्चिम एशिया के संघर्ष से वैश्विक शांति को बड़ा खतरा
पश्चिम एशिया का यह संघर्ष विश्व शांति के लिए बहुत बड़ा खतरा बन गया है। भारत के हमेशा से इस क्षेत्र के देशों के साथ बेहद मजबूत संबंध रहे हैं। नई दिल्ली इस विवाद को आपसी बातचीत से सुलझाने पर सबसे अधिक जोर दे रही है। युद्ध के विस्तार से वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर भी भारी असर पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस मुद्दे पर एकजुट होकर शांति बहाली के ठोस प्रयास जल्द से जल्द करने चाहिए।

