India News: भारतीय सर्राफा बाजार में पिछले एक हफ्ते के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में भयंकर उछाल आया है। अगर आप इस समय आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपको ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे। ताजा आंकड़ों के अनुसार सोने के दाम में 3,600 रुपये से अधिक की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं चांदी की कीमत भी करीब 6,100 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गई है। इस अचानक आई तेजी से बाजार काफी गर्म है।
सोने के अलग-अलग कैरेट भाव में जबरदस्त तेजी
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के हालिया आंकड़ों ने बाजार के जानकारों को चौंका दिया है। महज एक हफ्ते के भीतर 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव 1,42,942 रुपये से बढ़कर 1,46,608 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया है। इसमें सीधे 3,666 रुपये की उछाल दर्ज की गई है। इसी तरह 22 कैरेट सोने की कीमत 1,30,935 रुपये से छलांग लगाकर 1,34,293 रुपये हो गई है। 18 कैरेट सोना भी 1,09,130 रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गया है।
चांदी की कीमतों ने भी छुआ अपना रिकॉर्ड उच्चतम स्तर
सोने के साथ-साथ चांदी की चमक भी निवेशकों को अपनी ओर मजबूती से खींच रही है। एक हफ्ते के अंदर चांदी के दाम में 6,166 रुपये की बंपर तेजी आई है। पिछले हफ्ते 2,21,647 रुपये पर बिकने वाली चांदी अब 2,27,813 रुपये प्रति किलो हो गई है। बाजार के भारी उतार-चढ़ाव के बीच एक अप्रैल को दोनों धातुओं ने अपना उच्चतम स्तर छुआ था। उस दिन सोने ने 1,50,853 रुपये का नया उच्चतम ऐतिहासिक स्तर बनाया था।
अंतरराष्ट्रीय बाजार और त्योहारी छुट्टियों का सीधा असर
इस हफ्ते महावीर जयंती और गुड फ्राइडे जैसे बड़े त्योहारों के कारण सर्राफा बाजार दो दिन पूरी तरह बंद रहा। इसके चलते घरेलू बाजार में ट्रेडिंग की गतिविधियां थोड़ी कम दिखाई दीं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई भारी मजबूती का सीधा असर भारत पर पड़ा है। ग्लोबल मार्केट में सोना 4,702 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी भी 73 डॉलर प्रति औंस के मजबूत स्तर पर बनी है।
विशेषज्ञों की राय और भविष्य के लिए सुरक्षित निवेश सलाह
कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के अनुसार वैश्विक अस्थिरता और बढ़ती मांग के कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव लगातार जारी रहेगा। रिजर्व बैंक के फैसलों का सीधा असर रुपये की मजबूती पर पड़ेगा। अगर डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत होता है तो आयात सस्ता होगा। इससे देश में सोने की लैंडिंग कॉस्ट में कमी आ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय के नजरिए से गोल्ड ईटीएफ और गोल्ड म्यूचुअल फंड निवेश के लिए बेहतर विकल्प हैं।


