Himachal News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ‘ओक ओवर’ के बाहर सोमवार को हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। अपनी मांगों को लेकर पिछले 902 दिनों से धरने पर बैठे दृष्टिहीन संगठन के सदस्यों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की कोशिश की। इस दौरान मौके पर पहुंचीं चर्चित एसडीएम शहरी ओशीन शर्मा को प्रदर्शनकारियों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने उनसे बात करने से साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद मैडम को मौके से बिना बात किए ही वापस लौटना पड़ा।
902 दिनों का धैर्य और सीएम आवास तक मार्च
दृष्टिबाधित जन संगठन के बैनर तले प्रदर्शनकारी पिछले ढाई साल से ज्यादा समय से सचिवालय के पास रेन शेल्टर में आंदोलन कर रहे हैं। सरकार की निरंतर अनदेखी से गुस्साए इन लोगों ने आज सचिवालय से मुख्यमंत्री आवास तक पैदल मार्च निकाला। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उन्हें ओक ओवर से करीब 300 मीटर पहले ही रोक लिया। इस बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई, जिससे इलाके में काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
एसडीएम ओशीन शर्मा से बात करने से इनकार
मौके पर जब स्थिति बिगड़ने लगी, तो प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर एसडीएम ओशीन शर्मा वहां पहुंचीं। पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों से उनसे बात करने को कहा, लेकिन उन्होंने ओशीन शर्मा पर अविश्वास जताया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एसडीएम ने उनके बारे में पहले आपत्तिजनक बयान दिए हैं और उन्हें ‘उग्रवादी’ तक कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे एडीएम से बात करेंगे, लेकिन ओशीन शर्मा से नहीं। भारी विरोध और ठहाकों के बीच एसडीएम को वहां से वापस जाना पड़ा।
नग्न प्रदर्शन और आत्मदाह की चेतावनी
दृष्टिबाधित संगठन ने अब सरकार को आर-पार की लड़ाई की चेतावनी दी है। संगठन के सचिव राजेश ठाकुर ने कहा कि यदि उनकी मांगें तुरंत पूरी नहीं हुईं, तो वे नग्न प्रदर्शन और आत्मदाह जैसा कठोर कदम उठाएंगे। उनकी मुख्य मांग विभिन्न सरकारी विभागों में दृष्टिबाधित कोटे के बैकलॉग पदों को एकमुश्त भरना है। इसके साथ ही वे बजट में विशेष प्रावधान और खाली पदों पर तुरंत भर्ती की मांग कर रहे हैं। संगठन का आरोप है कि सरकार केवल आश्वासन देकर उन्हें बहला रही है।


