Haryana News: बहादुरगढ़ पुलिस ने नवजात बच्चों की तस्करी करने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस की अपराध शाखा और शहर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए चार और शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह मासूम बच्चों की खरीद-फरोख्त के घिनौने अपराध में शामिल था। इस कार्रवाई के बाद मामले में पकड़े गए कुल आरोपियों की संख्या अब नौ हो गई है। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर पांच दिन की रिमांड पर लिया है।
अंतरराज्यीय गिरोह के चार शातिर तस्कर गिरफ्तार
पकड़े गए चार नए आरोपी अलग-अलग राज्यों से संबंध रखते हैं। इनमें फरीदाबाद का संदीप पवार और रायपुर का रुद्रा प्रताप मुख्य रूप से शामिल है। ग्रेटर नोएडा का विजय और दिल्ली का मोहन पांचाल भी पकड़ा गया है। मोहन फिलहाल गाजियाबाद में रहता था। ये सभी मासूम नवजात बच्चों की तस्करी के खतरनाक कारोबार में पूरी तरह शामिल थे। पुलिस ने तकनीकी जांच से इन्हें दबोचा है।
निसंतान दंपतियों को बनाते थे अपना मुख्य शिकार
गिरोह के सदस्य बहुत ही सुनियोजित तरीके से अपराध को अंजाम देते थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि ये तस्कर मुख्य रूप से निसंतान दंपतियों को शिकार बनाते थे। आरोपी सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके ग्राहकों की तलाश करते थे। वे लोगों से संपर्क करके उन्हें पूरी तरह झांसे में लेते थे। इसके बाद सप्लाई चेन को सक्रिय करके सौदे को अंतिम रूप दिया जाता था। यह गिरोह मासूमों का सौदा करके कमाई करता था।
सप्लाई चेन और नेटवर्क का कर रहे थे विस्तार
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में तस्करों ने कई खुलासे किए हैं। यह अवैध तस्करी नेटवर्क किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है। इन आरोपियों ने अपना जाल देश के कई राज्यों में फैला रखा था। नए पकड़े गए आरोपी पहले से गिरफ्तार सदस्यों के लगातार संपर्क में थे। ये बच्चों की खरीद-फरोख्त में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। ये ग्राहक ढूंढकर मुख्य सरगना तक पहुंचाने का अहम काम करते थे।
पुलिस अधिकारियों के कड़े निर्देश और जांच अभियान
झज्जर की पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने मामले को बहुत गंभीरता से लिया है। उनकी निगरानी और बहादुरगढ़ के डीसीपी मयंक मिश्रा के निर्देशन में जांच चल रही है। पुलिस उपायुक्त मयंक मिश्रा ने सख्त लहजे में अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि नवजात बच्चों की तस्करी एक बहुत ही जघन्य अपराध है। इस मामले में शामिल किसी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस टीमें नेटवर्क ध्वस्त करने में जुटी हैं।
रिमांड के दौरान तस्कर उगल रहे हैं कई गहरे राज
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया था। अदालत ने मामले की गंभीरता देखते हुए उन्हें पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया है। रिमांड के दौरान जांच अधिकारी इन तस्करों से बहुत गहन पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस पता लगा रही है कि इन्होंने अब तक कितने बच्चों का सौदा किया है। तस्करों की निशानदेही पर पुलिस ने अन्य गुप्त ठिकानों की पहचान कर ली है।
मास्टरमाइंड और खरीददारों तक पहुंचने की पूरी तैयारी
पुलिस की जांच अब गिरोह के मुख्य सरगना और खरीददारों की तरफ मुड़ गई है। जांच टीम को पूछताछ में कई बेहद अहम सुराग हाथ लगे हैं। इन सुरागों के आधार पर पुलिस टीमें देश भर के अलग-अलग स्थानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का मुख्य लक्ष्य उन लोगों को गिरफ्तार करना है जिन्होंने बच्चों को खरीदा है। बहादुरगढ़ पुलिस इस अमानवीय नेटवर्क को पूरी तरह जड़ से खत्म करने में जुटी है।
जल्द ही कुछ और बड़ी गिरफ्तारियों की प्रबल संभावना
इस मामले की गहन जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे अपराध की परतें खुलती जा रही हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि आने वाले समय में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर संदिग्धों से पूरी तरह सावधान रहें। मामले से जुड़े अन्य फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करके पूरे गिरोह का राजफाश कर दिया जाएगा। प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।


