India News: देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी आई है। आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार जल्द खत्म होने वाला है। सरकार साल 2027 की पहली छमाही में नई रिपोर्ट लागू कर सकती है। सबसे खास बात यह है कि कर्मचारियों को 18 महीने का मोटा एरियर एक साथ मिलेगा। नया वेतन आयोग एक जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा। सरकार इस बकाया राशि का भुगतान किस्तों या एकमुश्त कर सकती है।
देहरादून में अहम बैठक करेगा वेतन आयोग
सातवें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को ही खत्म हो चुका है। केंद्र सरकार ने पिछले साल नवंबर में ही आठवें वेतन आयोग का गठन कर दिया था। अब आयोग की टीम बहुत तेजी से अपना काम कर रही है। यह विशेष टीम 24 अप्रैल 2026 को उत्तराखंड के देहरादून का दौरा करेगी। इस दौरे का मकसद कर्मचारियों और जानकारों से जरूरी सुझाव लेना है। लोग अपॉइंटमेंट लेकर आयोग की टीम के सामने अपनी बात रख सकते हैं।
फीडबैक देने की आखिरी तारीख 30 अप्रैल
वेतन आयोग ने काम में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए फरवरी में एक आधिकारिक वेबसाइट शुरू की थी। इस खास पोर्टल के माध्यम से देश भर के कर्मचारियों से फीडबैक मांगा जा रहा है। आप अपने सुझाव 30 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि नई सिफारिशें सभी के लिए फायदेमंद हों। पेंशनर्स और कर्मचारी संगठन भी इस पोर्टल के जरिए अपनी राय आयोग तक आसानी से पहुंचा सकते हैं।
मूल वेतन में मर्ज होगा पुराना महंगाई भत्ता
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने हाल ही में लोकसभा में एक अहम जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि आयोग वेतन ढांचे और पेंशन पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट बना रहा है। आठवां वेतन आयोग लागू होते ही पुराना महंगाई भत्ता मूल वेतन में जुड़ जाएगा। इसके बाद महंगाई भत्ते की नई गणना बिल्कुल शून्य से शुरू होगी। इससे कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई से काफी अच्छी सुरक्षा मिलेगी। निचले स्तर से लेकर उच्च पदों तक बंपर सैलरी बढ़ोतरी होगी।
कर्मचारी संगठन कर रहे अंतरिम राहत की मांग
फिलहाल देश के कई कर्मचारी संगठन सरकार से फौरी राहत देने की सख्त मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि 50 प्रतिशत डीए को तुरंत बेसिक सैलरी में मिलाया जाए। इससे कर्मचारियों को बड़ी अंतरिम राहत मिलेगी और उनके वेतन में तत्काल अच्छी वृद्धि होगी। आइए जानते हैं आठवें वेतन आयोग के लागू होने के कुछ मुख्य संभावित फायदे:
- वेतन में सीधा और बड़ा इजाफा होगा।
- पेंशनभोगियों को बेहतर वित्तीय सुरक्षा मिलेगी।
- सभी भत्तों का नए सिरे से मूल्यांकन होगा।


