Himachal News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक मुस्लिम युवती के शादी समारोह पर भारी विवाद शुरू हो गया है। राम मंदिर परिसर में इस रिसेप्शन का हिंदू संघर्ष समिति कड़ा विरोध कर रही है। शनिवार को मंदिर परिसर में मुंडन करने की सख्त चेतावनी दी गई है। मामले ने अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले लिया है। हिंदू संगठन इसे सांस्कृतिक अतिक्रमण का प्रयास बता रहे हैं। वहीं भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा अब इस मुस्लिम परिवार के भारी समर्थन में खुलकर सामने आ गया है।
सांस्कृतिक अतिक्रमण का लगाया गया बहुत गंभीर आरोप
हिंदू संघर्ष समिति के प्रमुख नेता विजय शर्मा ने इस आयोजन को सांस्कृतिक अतिक्रमण बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति को किसी भी बेटी के विवाह से बिल्कुल आपत्ति नहीं है। उनका मुख्य संघर्ष केवल हिंदू अस्मिता की रक्षा के लिए है। शर्मा ने आरोप लगाया कि मामला सामने आने के बाद ही निकाह की रस्में मस्जिद में शिफ्ट की गई हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज पहचान बचाने हेतु आवाज उठा रहा है।
शिमला को कश्मीर बनाने की हो रही भारी कोशिश
समिति के एक अन्य नेता मदन ठाकुर ने भी अपना भारी विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि नमाज अक्सर सड़कों पर पढ़ी जाती है और कार्यक्रम मंदिरों में हो रहे हैं। ठाकुर ने पूछा कि फिर शहर में मस्जिदें किस काम के लिए बनाई गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे हिमाचल प्रदेश में अतिक्रमण बढ़ रहा है। ठाकुर के अनुसार शिमला को कश्मीर बनाने की गहरी साजिश रची जा रही है। उन्होंने सूद सभा को चेतावनी दी।
विहिप ने भाजपा को दी वोट बैंक खोने की धमकी
इस विवाद ने भाजपा और हिंदू संगठनों के बीच भारी दरार पैदा कर दी है। विश्व हिंदू परिषद के नेता आशुतोष अग्रवाल ने सीधे तौर पर भाजपा को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम वोटों के लालच में भाजपा अपना असली हिंदू वोट खो देगी। अग्रवाल ने साफ किया कि हिंदू हितों के साथ कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर विहिप के लोग सत्तारूढ़ पार्टी का विरोध करने से पीछे नहीं हटेंगे।
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा आया मुस्लिम परिवार के बचाव में
एक तरफ हिंदू संगठन कड़ा विरोध कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा पीड़ित परिवार के भारी समर्थन में उतर आया है। मोर्चा के अध्यक्ष गुरमीत सिंह ने परिवार से ईदगाह जाकर खास मुलाकात की है। सिंह ने स्पष्ट किया कि निकाह पूरी तरह से मस्जिद में ही संपन्न होगा। राम मंदिर के कम्युनिटी हॉल में सिर्फ रिसेप्शन रखा गया है। उन्होंने सभी लोगों से शहर का पुराना साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।
मंदिर में केवल रिसेप्शन, बेवजह तूल दे रहे हैं लोग
भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर ने भी लोगों की गलतफहमी को दूर करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में शादियां मंदिर में ही होती हैं। जबकि मुस्लिम समुदाय में निकाह हमेशा मस्जिद में पढ़ा जाता है। राम मंदिर के हॉल का उपयोग पहले भी कई अलग समुदायों द्वारा किया जा चुका है। सरोज ठाकुर ने बताया कि वह खुद ऐसे अनेक कार्यक्रमों का हिस्सा रही हैं। कुछ लोग इस सीधे मामले को जानबूझकर बहुत बढ़ा रहे हैं।
पिता की मार्मिक अपील, बेटी की शादी शांति से होने दें
दुल्हन के पिता मोहम्मद नासिर इस भारी विवाद से बहुत ज्यादा आहत हुए हैं। उन्होंने हिंदू संगठनों और समाज के सभी लोगों से एक भावुक अपील की है। पिता ने हाथ जोड़कर कहा कि उनकी बेटी की शादी को बिल्कुल शांतिपूर्ण तरीके से होने दिया जाए। नासिर ने फिर स्पष्ट किया कि मुख्य निकाह मस्जिद में होगा। मंदिर के हॉल में केवल मेहमानों के लिए दावत रखी गई है। शिमला में पहले भी कई शादियां इसी तरह होती रही हैं।
पुलिस और प्रशासन ने पूरे शहर में बढ़ाई सुरक्षा
विवाद को बढ़ता देखकर शिमला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। पुलिस ने शहर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा को काफी कड़ा कर दिया है। प्रशासन किसी भी तरह की साम्प्रदायिक हिंसा या तनाव को रोकने के लिए तैयार है। अधिकारियों ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है। हिमाचल प्रदेश हमेशा से अपने शांत और सुरक्षित माहौल के लिए पूरे देश में जाना जाता है। पुलिस इस पूरी स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है।

