Shimla News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में भारी बारिश ने भयंकर तबाही मचाई है। बुधवार को अचानक चमियाणा अस्पताल जाने वाली मुख्य सड़क पर भारी भूस्खलन हो गया। इसके कारण पूरे इलाके में दहशत फैल गई। सड़क का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह टूट गया है। इससे मरीजों और अस्पताल के कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। गाड़ियां बीच रास्ते में ही फंस गईं। इलाज के लिए गंभीर मरीजों को पैदल ही अस्पताल की तरफ जाना पड़ा।
मरीजों को चार किलोमीटर तक करना पड़ा पैदल सफर
अस्पताल जाने वाला रास्ता पूरी तरह से तबाह हो गया है। बसें और टैक्सी सिर्फ आधे रास्ते तक ही पहुंच सकीं। इसके बाद मजबूर होकर लोगों को तीन से चार किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी उन बीमार मरीजों को उठानी पड़ी जो चलने में बिल्कुल असमर्थ थे। यह सफर उनके लिए एक बड़े संकट से कम नहीं था। सड़क की हालत इतनी ज्यादा खराब थी कि लोग अपने निजी वाहन वहां ले जाने से बुरी तरह डर रहे थे।
निर्माण कार्य के कारण बढ़ रहा है भूस्खलन का खतरा
चमियाणा अस्पताल के रास्ते पर अभी कई जगह निर्माण कार्य चल रहा है। इसी कारण से यहां थोड़ी बारिश में भी भूस्खलन की घटनाएं होती हैं। हादसे के करीब एक घंटे बाद विभाग ने सड़क ठीक करने का काम शुरू किया। इसके बाद मरीजों ने थोड़ी राहत की सांस ली। रास्ता खुलने के बाद भी वहां सड़क पर काफी गीली मिट्टी जमा थी। इस खतरनाक स्थिति के कारण वाहन चालकों को लगातार गाड़ियां स्किड होने का भयानक डर सताता रहा।
आपातकालीन मरीजों की जान पर बनी बड़ी आफत
इस अस्पताल में हृदय रोग सहित कई गंभीर बीमारियों का इलाज होता है। यहां पूरे प्रदेश से मरीज हर रोज पहुंचते हैं। रास्ता बंद होने के कारण रूटीन चेकअप वाले मरीज निराश होकर वापस लौट गए। आपात स्थिति वाले गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में परिजनों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ा। लोक निर्माण विभाग की टीम ने जल्दी काम शुरू किया था। भारी मलबा मौजूद होने के कारण सड़क को साफ करने में काफी अधिक समय लग गया।

