भारत का यह राज्य कैसे बन गया ‘भांग कैपिटल’? लाखों की कमाई के लिए किसान खेल रहे हैं पुलिस से लुका-छिपी का बड़ा खेल

India News: भारत में होली और शिवरात्रि पर ठंडाई में भांग का इस्तेमाल आम बात है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश में सबसे ज्यादा भांग कहां उगती है? ताजा आंकड़ों के अनुसार ओडिशा अब भारत की भांग राजधानी बन चुका है। यहां के जंगली इलाकों में बड़े पैमाने पर भांग की अवैध खेती हो रही है। किसान ज्यादा मुनाफे के लालच में पारंपरिक खेती छोड़कर भांग उगा रहे हैं।

ओडिशा में पुलिस और तस्करों के बीच आंख मिचौली

ओडिशा के कोरापुट, मलकानगिरी, कंधमाल और गजपति जिलों में भांग का सबसे ज्यादा उत्पादन होता है। यहां के घने जंगलों में तस्कर अवैध रूप से भांग उगाते हैं। कुछ साल पहले पुलिस ने एक अभियान में सत्ताईस हजार एकड़ जमीन पर लगी भांग नष्ट की थी। फिर भी माफिया नए इलाकों में इसकी खेती शुरू कर देते हैं। अवैध उत्पादन के कारण इसका कोई सटीक सरकारी आंकड़ा उपलब्ध नहीं होता है।

लाखों की कमाई के लिए किसान उठाते हैं बड़ा जोखिम

देशभर में भांग उत्पादन में हिमाचल का मलाना दूसरे स्थान पर है। ग्रामीण आखिर जेल जाने का खतरा क्यों उठाते हैं? इसका मुख्य कारण केवल भारी मुनाफा कमाना है। पारंपरिक फसलों से किसानों का गुजारा मुश्किल से होता है। वहीं भांग की फसल से आसानी से पांच लाख रुपये तक की कमाई होती है। कम समय में अमीर बनने की चाहत लोगों को इस अवैध कारोबार की तरफ खींचती है। तस्कर पुलिस का डर भी भुला देते हैं।

क्या भारत में भांग की खेती करना कानूनी अपराध है?

भारत में भांग की खेती के नियम काफी जटिल हैं। एनडीपीएस एक्ट के तहत भांग के पौधे, फूल और रेजिन पर पूरी तरह बैन है। इनसे गांजा और चरस बनती है जो गैरकानूनी है। हालांकि सरकार ने भांग की पत्तियों और बीजों को इस प्रतिबंध से बाहर रखा है। इसी वजह से देश में भांग आसानी से बिकती है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश ने अब भांग की खेती को कानूनी मान्यता दे दी है।

आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा में भांग के अद्भुत फायदे

भांग का उपयोग केवल नशे के लिए नहीं बल्कि दवा के रूप में भी होता है। आयुर्वेद में इसे दर्द निवारक और तनाव कम करने वाली उत्तम जड़ी-बूटी माना गया है। यह उल्टी रोकने और पाचन सुधारने में काफी मददगार साबित होती है। आधुनिक विज्ञान भी अब भांग के औषधीय गुणों को तेजी से स्वीकार कर रहा है। आजकल वैज्ञानिक इसका इस्तेमाल मिर्गी और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में कर रहे हैं।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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