Himachal News: अप्रैल महीने की 8 तारीख बीत चुकी है। लेकिन हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के कर्मचारियों और अधिकारियों को अब तक उनका वेतन नहीं मिला है। इसके कारण चालक और परिचालक बहुत ज्यादा परेशान हैं। पिछले महीने 2 मार्च को ही उनका वेतन आ गया था। इस बार समय पर पैसा न मिलने से कर्मचारियों में काफी रोष है। उन्हें अपने घरों का खर्च चलाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों को अब वेतन का बेसब्री से इंतजार है।
बच्चों की स्कूल फीस चुकाना हुआ बेहद मुश्किल
अप्रैल का महीना पूरे साल में सबसे ज्यादा खर्चीला माना जाता है। इस समय प्रदेश भर में स्कूल और कॉलेज खुलते हैं। बच्चों की नई कक्षाओं में दाखिले की प्रक्रिया शुरू होती है। स्कूलों की भारी-भरकम फीस चुकाना जरूरी होता है। इसके अलावा बच्चों के लिए नई किताबें भी खरीदनी पड़ती हैं। वेतन न मिलने से कर्मचारियों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। वे अपने बच्चों की स्कूल फीस जमा नहीं कर पा रहे हैं।
सरकार से ग्रांट न मिलने के कारण फंसा पेंच
एचआरटीसी प्रबंधन ने हाल ही में 31 मार्च को कर्मचारियों के खाते में डीए एरियर की तीन प्रतिशत राशि डाली थी। मार्च महीने में कर्मचारियों के वेतन के लिए सरकार ने समय पर ग्रांट जारी कर दी थी। इससे कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली थी। लेकिन सरकार ने अभी तक अप्रैल महीने के लिए ग्रांट जारी नहीं की है। इसी कारण से वेतन जारी करने में देरी हो रही है। निगम प्रबंधन जल्द वेतन जारी करने का पूरा दावा कर रहा है।
यूनियन नेताओं ने उठाई वेतन की सख्त मांग
एचआरटीसी कंडक्टर यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष प्रीत मेंहद्र और महासचिव दीपेंद्र कंवर ने इस देरी पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि समय पर पैसा न मिलने से सभी कर्मचारियों को परेशानी होती है। परिवहन मजदूर संघ के महामंत्री हरीश पराशर ने भी अपना विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि निगम के कर्मचारी दिन-रात बसों में सेवाएं दे रहे हैं। सरकार को ग्रांट पहले जारी करनी चाहिए ताकि शुरुआती दिनों में ही सभी कर्मचारियों को वेतन मिल सके।

