Himachal News: हिमाचल प्रदेश में मौसम ने भयानक करवट ली है। अप्रैल के शुरुआती दस दिनों में राज्य में सामान्य से 142 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार यहां 22.9 मिलीमीटर बारिश सामान्य मानी जाती है। लेकिन इस बार 55.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। बारिश के कारण राज्य में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई जगहों पर भूस्खलन से यातायात रुका है।
बिलासपुर और सोलन में बारिश ने तोड़े सारे रिकॉर्ड
राज्य के कई जिलों में बारिश ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बिलासपुर जिले में सामान्य से सबसे अधिक 910 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज हुई है। इसके बाद सोलन में 625 और सिरमौर में 536 फीसदी अधिक बारिश हुई है। कुल्लू में 87 और शिमला में 383 फीसदी ज्यादा पानी बरसा है। मंडी जिले में भी बारिश का आंकड़ा 387 फीसदी अधिक रहा। ऊना, हमीरपुर और कांगड़ा जिलों में भारी बारिश ने मुश्किलें बढ़ाई हैं।
अगले कुछ दिनों में तेजी से बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आगामी दिनों के लिए पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार 11, 12, 15 और 16 अप्रैल को हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। हालांकि सप्ताह के बाकी दिनों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा। आने वाले चार से पांच दिनों में न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी होगी। यह तापमान चार से सात डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। अधिकतम तापमान में भी छह डिग्री तक उछाल आने की संभावना है।
कई शहरों में कड़ाके की ठंड और जमा देने वाला तापमान
लगातार बारिश और बर्फबारी ने प्रदेश में ठंड को बढ़ा दिया है। लाहौल-स्पीति के केलांग में न्यूनतम तापमान माइनस एक डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। किन्नौर के कल्पा में तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कुफरी में 1.0 और मनाली में 2.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। राजधानी शिमला का न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। ऊना और पांवटा साहिब इलाकों में तापमान चौदह डिग्री के करीब है।
पहाड़ी से भारी मलबा गिरने के कारण हाईवे पर लगा लंबा जाम
बारिश के कारण पहाड़ों का दरकना लगातार जारी है। सोलन जिले के धर्मपुर में भारी भूस्खलन होने से राष्ट्रीय राजमार्ग-5 बाधित हो गया। पहाड़ी से गिरे मलबे ने दोनों तरफ वाहनों का लंबा जाम लगा दिया है। धर्मपुर थाना और पेट्रोल पंप के पास यह भयानक भूस्खलन हुआ है। यहां पहले से ही सड़क पर सिंगल लेन यातायात चल रहा था। शाम चार बजे मलबा आने से दूसरी लेन भी बंद हो गई है।

