Himachal News: हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने महिलाओं को एक बहुत बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने ‘इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना’ के तहत करोड़ों रुपए जारी कर दिए हैं। जनजातीय क्षेत्रों की पांच हजार से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में पैंतालीस सौ रुपए की एकमुश्त राशि आ गई है। यह राशि इस साल जनवरी से मार्च महीने तक की है। सरकार ने इस अहम योजना के कुछ नियमों में बड़े बदलाव भी किए हैं।
जनजातीय इलाकों की महिलाओं को मिली बड़ी आर्थिक राहत
राज्य सरकार की इस योजना से दुर्गम इलाकों की महिलाओं को भारी राहत मिली है। चंबा जिले के पांगी और शिमला के कुपवी क्षेत्र की महिलाओं के खातों में पैसे आ गए हैं। इसके अलावा डोडरा-क्वार, लाहौल और काजा जैसे दूरदराज क्षेत्रों को भी लाभ मिला है। योजना के तहत हर महीने पंद्रह सौ रुपए दिए जाते हैं। इसलिए तीन महीने की कुल पैंतालीस सौ रुपए की आर्थिक सहायता सीधे महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की गई है।
अब नए सिरे से करना होगा आवेदन, जानें बदले हुए नियम
सरकार ने इस योजना का लाभ सही महिलाओं तक पहुंचाने के लिए कुछ सख्त कदम उठाए हैं। मानकों में अहम संशोधन करते हुए आय सीमा को काफी बढ़ाया गया है।
- नए नियमों के अनुसार सभी महिलाओं को तहसील स्तर पर दोबारा आवेदन करना होगा।
- महिलाओं को अपनी तहसील से नया आय प्रमाण पत्र बनवाना बिल्कुल अनिवार्य है।
- पुराने वित्तीय वर्ष में करीब पैंतीस हजार महिलाओं को इस योजना का सीधा लाभ मिला था।
आठ लाख लोगों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन भी हुई जारी
प्यारी बहना योजना के अलावा सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन से जुड़ी एक और बड़ी खुशखबरी दी है। संबंधित विभाग ने पीएफएमएस पोर्टल के जरिए आठ लाख से ज्यादा लाभार्थियों की पेंशन जारी कर दी है। सभी तहसील वेलफेयर अधिकारियों ने जरूरी कागजी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। इन सभी लाभार्थियों को भी पूरे तीन महीने की पेंशन एक साथ दी गई है। पोर्टल की लंबी प्रक्रिया के कारण खातों में पैसे आने में अभी एक-दो दिन लग सकते हैं।

