Himachal News: हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने सोलन अवैध निर्माण मामले में बड़ा आदेश दिया है। अदालत ने मुख्य सचिव के उस फैसले पर तत्काल रोक लगा दी है। मुख्य सचिव ने नगर निगम के ध्वस्तीकरण आदेश को रद्द कर दिया था। नगर निगम ने जवाहर पार्क के पास अवैध निर्माण को तोड़ने का आदेश दिया था। इस फैसले के खिलाफ नगर निगम ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अदालत के इस सख्त कदम से प्रशासनिक महकमे में भारी हलचल मच गई है।
मुख्य सचिव के फैसले को अदालत में मिली चुनौती
नगर निगम सोलन ने मुख्य सचिव संजय गुप्ता के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। मुख्य सचिव ने चौबीस फरवरी को टीसीपी के अपीलीय प्राधिकारी के रूप में एक बड़ा फैसला सुनाया था। उन्होंने नगर निगम कमिश्नर के निर्माण तोड़ने वाले आदेश को पूरी तरह खारिज कर दिया था। इसके बाद नगर निगम ने कानूनी रास्ता अपनाते हुए हाई कोर्ट में मजबूत अपील दायर की। अदालत ने अब मुख्य सचिव के इस फैसले पर रोक लगाई है।
हाई कोर्ट ने अधिकारियों से मांगा चार सप्ताह में जवाब
मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की अदालत ने इस गंभीर मामले पर कड़े निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने मुख्य सचिव सहित सोलन के डीसी और एसडीएम को औपचारिक नोटिस जारी कर दिया है। अदालत ने इन सभी वरिष्ठ अधिकारियों को चार सप्ताह के भीतर अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है। प्रशासन को अदालत के सामने अपने फैसले का कानूनी आधार बताना होगा।
जवाहर पार्क की जमीन और पैमाइश से जुड़ा है विवाद
यह पूरा विवाद सोलन के जवाहर पार्क स्थित एक जमीन पर हो रहे निर्माण से जुड़ा है। अपीलकर्ताओं ने मुख्य सचिव के सामने दावा किया था कि वे स्वीकृत नक्शे के अनुसार अपना व्यवसायिक भवन बना रहे हैं। उन्होंने प्रशासन की पैमाइश को भी गलत और नियमों के खिलाफ बताया था। नगर निगम सोलन ने अठाईस मार्च को इस निर्माण को अतिक्रमण मानकर तोड़ने का आदेश दिया था। अधिकारियों के अनुसार यह निर्माण खसरा नंबर पर अवैध है।

