हिमाचल में रसोई गैस सिलेंडर की छुट्टी? पाइप वाली नेचुरल गैस ने पकड़ी रफ्तार, सरकार ने नियमों में किया बड़ा बदलाव

Himachal News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने रसोई गैस (LPG) पर जनता की निर्भरता खत्म करने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है। प्रदेश में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है ताकि हर घर तक पाइप से प्राकृतिक गैस पहुंच सके। ऊना जिले में अब तक 13,000 घरों तक गैस पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। इनमें से लगभग 6,000 परिवार सिलेंडर छोड़कर पाइप वाली गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं। राज्य सरकार अब इस नेटवर्क को पूरे प्रदेश में फैलाने की तैयारी कर रही है।

धारा 118 के नियमों में ढील और सरल प्रक्रिया

अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नजीम ने शिमला में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान नेटवर्क विस्तार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पाइपलाइन बिछाने के काम में आ रही रुकावटों को दूर करने के लिए कानून में संशोधन किया गया है। सरकार ने मार्च 2026 में एक विशेष अधिसूचना जारी कर हिमाचल प्रदेश भूमि सुधार अधिनियम की धारा 118 के तहत भूमि खरीद की प्रक्रिया को आसान बना दिया है। अब कंपनियों को जमीन खरीदने के लिए लंबी कागजी कार्रवाई से नहीं जूझना पड़ेगा।

कंपनियों के लिए आवेदन का नया और तेज रास्ता

संशोधित नियमों के तहत अब गैस कंपनियां अपने आवेदन सीधे खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निदेशक को सौंप सकेंगी। इसके बाद निदेशक इन फाइलों को प्रशासनिक माध्यम से राजस्व विभाग को मंजूरी के लिए भेजेंगे। पहले इस प्रक्रिया में बहुत अधिक समय लगता था जिससे प्रोजेक्ट लटके रहते थे। इस बदलाव का उद्देश्य कंपनियों को जमीन संबंधी मंजूरियां जल्द दिलाना है। सरकार चाहती है कि कंपनियां बिना किसी तकनीकी बाधा के अपना इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा कर सकें।

सड़कों की खुदाई और बैंक गारंटी के कड़े नियम

सरकारी संपत्तियों और सड़कों पर काम करने के लिए कंपनियों को कुछ शर्तों का पालन करना होगा। अधिसूचना के अनुसार कंपनियों को लोक निर्माण विभाग (PWD) के पास बैंक गारंटी जमा करानी अनिवार्य है। पाइपलाइन बिछाने के लिए की गई खुदाई के बाद सड़कों की मरम्मत और पुनर्वसन का काम संबंधित विभाग या स्थानीय निकाय के मानकों के अनुसार करना होगा। इससे विकास कार्य के दौरान जनता को होने वाली असुविधा को कम करने में मदद मिलेगी।

विभागों को समयबद्ध मंजूरी देने के सख्त आदेश

बैठक में आरडी नजीम ने सभी सरकारी विभागों को लंबित आवेदनों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागों को निर्धारित मानकों के तहत समय पर अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) देने को कहा गया है। साथ ही गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों को सलाह दी गई है कि वे सरकारी अधिकारियों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर फाइलों को क्लीयर करवाएं।

पाइप वाली गैस से उपभोक्ताओं को बड़े फायदे

सीजीडी नेटवर्क एक सुरक्षित और आधुनिक भूमिगत पाइपलाइन तंत्र है। यह सीधे घरों, होटलों और औद्योगिक इकाइयों को प्राकृतिक गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करता है। पाइप वाली गैस एलपीजी सिलेंडर के मुकाबले सस्ती और अधिक सुरक्षित मानी जाती है। इससे उपभोक्ताओं को सिलेंडर खत्म होने या बुकिंग कराने के झंझट से मुक्ति मिल जाती है। हिमाचल सरकार अब चार प्रमुख कंपनियों के साथ मिलकर इस स्वच्छ ईंधन को प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचाने पर काम कर रही है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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