Himachal News: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में बन रहा बल्क ड्रग पार्क देश की फार्मा इंडस्ट्री की तस्वीर बदलने वाला है। केंद्र सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट का काम हरोली में तेजी से चल रहा है। राज्य सरकार ने इस साल दिसंबर तक पहले चरण में कच्चे माल का उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा है। इस मेगा प्रोजेक्ट के शुरू होने से दवाओं के कच्चे माल के लिए चीन पर भारत की निर्भरता काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
2071 करोड़ की लागत और 1402 एकड़ में निर्माण
देश में कुल तीन बल्क ड्रग पार्क बन रहे हैं। इनमें से एक हिमाचल के हरोली में 1402 एकड़ भूमि पर बन रहा है। इस परियोजना की लागत 1,923 करोड़ रुपये से बढ़कर 2071 करोड़ रुपये हो गई है। इसमें केंद्र सरकार 1,118 करोड़ रुपये का भारी अनुदान दे रही है। राज्य सरकार अपनी तरफ से 804 करोड़ रुपये खर्च करेगी। सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 250 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
सड़क, पानी और आधुनिक एसटीपी के करोड़ों के टेंडर
उद्योग विभाग ने पार्क में विश्व स्तरीय ढांचा तैयार करने की तैयारी कर ली है। साइट डेवलपमेंट, सड़क, चारदीवारी और पुल निर्माण के लिए 287 करोड़ रुपये के टेंडर जारी हुए हैं। इसके अलावा 321 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा बायलर स्थापित होगा। उद्योगों से निकलने वाले गंदे पानी को साफ करने के लिए 284 करोड़ रुपये से आधुनिक ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा। विभाग इस साफ पानी का इस्तेमाल आसपास के इलाकों में सिंचाई के लिए करेगा।
50 बड़ी कंपनियों का निवेश, खत्म होगी चीन पर निर्भरता
पार्क के शुरू होने से फार्मा उद्योग को चीन से कच्चा माल नहीं लाना पड़ेगा। सन फार्मा, अरबिंदो और मैनकाइंड सहित 50 नामी कंपनियां निवेश को तैयार हैं। पहले चरण में ये कंपनियां देश की दवा निर्माता कंपनियों के लिए कच्चा माल बनाएंगी। कंपनियों को अपना उत्पाद बेचने के लिए बड़ा बाजार मिलेगा। पार्क के भीतर 10,000 करोड़ रुपये और बाहर 5,000 करोड़ रुपये का विशाल निवेश होगा। इस पहल से भारत दवा निर्माण क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बन जाएगा।
20 हजार युवाओं को मिलेगा सीधा रोजगार का सुनहरा अवसर
हिमाचल के युवाओं के लिए यह परियोजना एक बड़ा वरदान साबित होगी। उद्योग विभाग के अनुसार पार्क शुरू होने से राज्य के 20,000 युवाओं को सीधा रोजगार मिलेगा। इसके अलावा हजारों लोगों की आजीविका के लिए रोजगार के नए साधन पैदा होंगे। स्थानीय लोगों को परिवहन और सेवा क्षेत्र में व्यवसाय के अच्छे अवसर मिलेंगे। सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए दिसंबर तक कच्चे माल का उत्पादन शुरू करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

