National News: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कमर और गर्दन का दर्द एक आम बीमारी बन गया है। कंप्यूटर पर घंटों काम करने से लोगों का पोस्चर खराब हो रहा है। लोग महंगी दवाइयां और फिजियोथेरेपी का सहारा ले रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें दर्द से स्थायी राहत नहीं मिल रही है। लेकिन अब सोशल मीडिया पर एक बेहद आसान और मुफ्त उपाय तेजी से वायरल हो रहा है। यह नया उपाय ’30 दिनों तक बिना तकिया सोने का चैलेंज’ है। कई लोग दावा कर रहे हैं कि इस तरीके ने उनकी जिंदगी बदल दी है। आइए समझते हैं कि बिना तकिया सोने से शरीर में क्या जादुई बदलाव आते हैं।
बिना तकिया सोने से शरीर में क्या होता है?
जब हम ऊंचे या मोटे तकिये पर सोते हैं, तो गर्दन गलत एंगल पर झुक जाती है। इससे हमारी रीढ़ की हड्डी (स्पाइन) का नेचुरल आकार पूरी तरह बिगड़ जाता है। पेट के बल सोने वालों को तकिये से सबसे ज्यादा नुकसान होता है। तकिया सिर को पीछे की तरफ धकेलता है। इससे कमर के निचले हिस्से पर भारी अतिरिक्त दबाव पड़ता है। बिना तकिये के सोने से सिर, गर्दन और रीढ़ की हड्डी एक सीधी लाइन में आ जाते हैं। इससे शरीर की मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं और ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है।
कैसे काम करता है 30 दिन का वायरल चैलेंज?
सोशल मीडिया पर वायरल इस चैलेंज के तहत 30 दिन तक बिना तकिया सोना होता है। शुरुआत के 3 से 7 दिनों में आपको थोड़ी असुविधा हो सकती है। पुरानी आदत छूटने के कारण गर्दन में हल्की जकड़न महसूस हो सकती है। रात में बार-बार आपकी नींद भी टूट सकती है। लेकिन 10 से 15 दिनों के बाद आपका शरीर इस नई स्थिति को अपना लेता है। कंधों और गर्दन (ट्रैप मसल्स) का तनाव धीरे-धीरे कम होने लगता है। सुबह उठने पर होने वाली शरीर की स्टिफनेस खत्म हो जाती है।
30 दिन बाद मिलते हैं ये हैरान करने वाले नतीजे
पूरे 30 दिन का चैलेंज पूरा करने वालों ने बहुत सकारात्मक अनुभव साझा किए हैं। लोगों का कहना है कि एक महीने बाद उनका कमर दर्द काफी हद तक ठीक हो गया। बिना तकिया सोने से उनके शरीर का पोस्चर एकदम सीधा हो गया। साथ ही, उन्हें रात में पहले से कहीं अधिक गहरी नींद आने लगी। हेल्थ एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि पेट के बल सोने वालों के लिए यह तरीका फायदेमंद है। यह रीढ़ की हड्डी को अलाइन करने और दर्द को दूर करने में काफी मददगार साबित हो सकता है।


