Mumbai News: फिल्ममेकर आदित्य धर की आने वाली फिल्म ‘धुरंधर 2’ इन दिनों सुर्खियों में है। इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कई वास्तविक जीवन के किरदारों को पर्दे पर उतारा जा रहा है। लोगों ने इन नामों के बारे में सुना है, लेकिन उनके व्यक्तित्व से कम ही वाकिफ हैं। इन्हीं किरदारों में एक नाम है एसपी चौधरी असलम का। यह भूमिका बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त निभा रहे हैं। फिल्म की झलक सामने आने के बाद से ही संजय दत्त की कास्टिंग की जमकर तारीफ हो रही है।
असलम की पत्नी ने की संजय दत्त की तारीफ
जब लोगोंने असल जिंदगी के एसपी चौधरी असलम की तस्वीरें देखीं, तो उन्हें लगा कि इस किरदार के लिए संजय दत्त एकदम सही चुनाव हैं। अब इस बात की पुष्टि खुद असलम की पत्नी नौरीन ने कर दी है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि जब उन्होंने फिल्म में संजय दत्त की झलक देखी, तो उन्हें अपने पति की याद आ गई। नौरीन के मुताबिक, एक सीन में संजय दत्त सफेद कपड़ों में कार के पास खड़े होकर ऊपर की ओर देखते हैं। वह बिल्कुल उनके पति जैसे ही लगे।
‘एक पल को लगा मेरे पति सामने खड़े हैं’
आजतक रेडियोसे बातचीत में नौरीन ने कहा, “जब संजय दत्त कार के पास खड़े होकर अपनी निगाहें ऊपर उठाते हैं, तो एक पल के लिए मुझे लगा कि मेरे पति सामने हैं। इस किरदार के लिए उनसे बेहतर कोई नहीं हो सकता था।” नौरीन की इस प्रतिक्रिया से साफ है कि संजय दत्त की तैयारी और कास्टिंग ने वास्तविक जीवन के करीब पहुंचने की पूरी कोशिश की है।
फिल्म के मेकर्स से एक बड़ी शिकायत
तारीफ केसाथ ही नौरीन ने फिल्म के मेकर्स से एक अहम शिकायत भी जताई। उनका कहना है कि अगर फिल्म बनाने से पहले उनसे संपर्क किया जाता, तो वह अपने पति के व्यक्तित्व के कई पहलू बेहतर तरीके से साझा कर सकती थीं। नौरीन ने कहा, “वे लोग फिल्म बना रहे थे, तो मुझे एक बार कॉल कर लेते। इससे मैं उन्हें अपने पति के बारे में जानकारी दे पाती। उनकी अच्छाइयां, कमियां, सब कुछ। इससे किरदार ज्यादा गहराई से सामने आ सकता था।”
‘किरदार को और बेहतर बनाया जा सकता था’
नौरीन कामानना है कि उनके पति का जीवन काफी जटिल और बहुआयामी था। उन्होंने कहा कि उनके पति ने पाकिस्तान के लिए ऐसे कई काम किए, जो हर किसी के बस की बात नहीं थी। अगर फिल्म की टीम उनसे बातचीत करती, तो यह किरदार ज्यादा प्रामाणिक और प्रभावशाली बन सकता था। नौरीन के अनुसार, मेकर्स ने यह मौका गंवा दिया। डायरेक्ट अनुभव और व्यक्तिगत जानकारी किसी भी बायोपिक या वास्तविक किरदार को जीवंत बनाने में अहम भूमिका निभाती है।


